शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती दी है कि वह कथित ‘पांच पेंशन’ को सार्वजनिक रखें या झूठ फैलाने के लिए मानहानि के मुकदमे का सामना करने को तैयार रहें। बुधवार को जारी एक प्रेस बयान में शिअद अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री सात साल पहले आम आदमी पार्टी द्वारा शुरू किए गए बदनाम करने के अभियान को जारी रखे हुए हैं और अब झूठे वादों से गुजरात के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
भगवंत मान सोचते हैं कि वह झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर सकते हैं लेकिन हम सब जानते हैं कि वह अपनी बातों पर कितना कायम रहते हैं। अब उन्हें अपने दावों को सार्वजनिक डोमेन में रखकर साबित करना होगा या अपने बयान पर माफी मांगनी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जाएगा।
सुखबीर ने कहा कि सच्चाई यह है कि पांच बार के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के तुरंत बाद तत्कालीन स्पीकर को पत्र लिखकर कहा था कि विधायक के रूप में 10 कार्यकाल की सेवा के लिए उन्हें मिलने वाली पेंशन को न भेजा जाए। सुखबीर ने कहा, ‘प्रकाश सिंह बादल ने उस पैसे का उपयोग सार्वजनिक भलाई, विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में उपयोग करने का अनुरोध किया था। यह विधानसभा के रिकॉर्ड में है और प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि वह अपने जीवन में कभी पूर्व विधायक के रूप में पेंशन का दावा नहीं करेंगें।’