चंडीगढ़ पीजीआई में सीनियर से परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले रेजिडेंट डॉक्टर का एक सुसाइड नोट वायरल हो गया है। इस नोट में रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सीनियर पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
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यह है सुसाइड नोट
सोशल मीडिया पर वायरल सुसाइड नोट में लिखा है-मेरे सीनियर ने प्रताड़ित कर जीते जी मुझे कोमा में भेज दिया है। अब मैं टूट चुका हूं। मम्मी मुझे माफ करना। मैं अपने आप को खत्म करने जा रहा हूं। खुद को खत्म करने के लिए मैं अस्पताल की छठी मंजिल से कूदने वाला था लेकिन गिरकर घायल होने के डर से मैं कूदने की हिम्मत नहीं जुटा पाया इसलिए इंजेक्शन लगाकर खुद को खत्म करने जा रहा हूं। हेप्टोलॉजी में पहला रैंक प्राप्त कर उसने 15 दिन पहले ही ज्वाइन किया था लेकिन लगातार उसके एक सीनियर डॉक्टर उसे परेशान कर रहे थे। वार्ड में राउंड के दौरान कहते थे कि तुम बेकार हो। खिड़की से कूदकर जान दे दो। क्या तुम्हारे माता-पिता भी यहां बेड पर लेटे होंगे, तब भी तुम ऐसे ही काम करोगे। इस तरह की बातें सुनकर मैं अंदर से टूट चुका हूं। मैंने पीजीआई से एमडी करने का सपना संजोया था लेकिन अब मेरे सपने टूटने वाले हैं।
जांच कमेटी गठित
फिलहाल, मामला सामने आने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के डर से पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने जांच कमेटी गठित कर दी है। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर को प्रताड़ित करने वाले हेप्टोलॉजी विभाग के उस वरिष्ठ चिकित्सक को मेमो भी जारी किया जा चुका है।
रेजिडेंट डॉक्टरों में रोष
मामले को लेकर पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टरों में जबरदस्त रोष है। एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया कि जिस वरिष्ठ डॉक्टर पर आरोप लगाया गया है, उनका व्यवहार काफी खराब है। अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ भी घटिया बर्ताव करते हैं क्योंकि उनका रिश्तेदार एक अन्य चिकित्सा संस्थान में ऊंचे पद पर तैनात है इसलिए उन्हें यह लगता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हालांकि, पीजीआई निदेशक मामले में रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ हैं इसलिए अब तक घटना पर किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है।