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मानसा पर कैसे कर पाएंगे मान, आए दिन किसान दे रहे जान

Wed, 20 Apr 2016 06:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/मानसा/मुक्तसर
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सुसाइड - फोटो : Demo pic
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पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक ओर सियासी पार्टियां आपसी जंग में उलझी हैं, वहीं अन्नदाता कर्ज से हताश होकर जान दे रहा है। कारण-तबाह फसल और मुआवजे में देरी। सोमवार को भी राज्य के तीन किसानों ने खुदकुशी कर ली। इनमें दो मानसा और एक किसान मुक्तसर का है। इस साल अब तक कुल 18 किसान और पांच खेत मजदूर आत्महत्या कर चुके हैं।
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केंद्रीय मंत्री और बादल परिवार की बहू हरसिमरत कौर बादल के संसदीय क्षेत्र का मानसा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है। पहली घटना में सरदूलगढ़ के गांव कोटधरमू के किसान चरणा सिंह (45) ने सोमवार सुबह घर में फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी पत्नी निक्की कौर ने बताया कि चरणा के पास जमीन नहीं है। वह डेढ़ एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करता था, लेकिन बेमौसम बारिश से उसकी फसल खराब हो गई थी।

आज तक उनको कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज है। गांव के सरपंच शमिंदर सिंह, हरबंस सिंह, क्लब के अध्यक्ष जसविंदर सिंह और भारतीय किसान यूनियन उगराहां के ब्लॉक अध्यक्ष मलकीत सिंह कोटधरमू व गुरमेल सिंह साहनेवाली, उत्तम सिंह रामानंदी ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को योग्य मुआवजा दिया जाए।
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दूसरी घटना में गांव कोटली कला के एक किसान ने जहरीला पदार्थ निगलकर खुदकुशी कर ली। किसान के पास तीन किले जमीन थी। इस पर वह खेती कर अपने परिवार का गुजारा करता था। किसान पर करीब 5 लाख रुपये कर्ज था। गांव कोटली कला के किसान दर्शन सिंह (28) ने शनिवार को अपने खेत में गेहूं की फसल काटने के लिए कंबाइन बुलाई, पैसे न मिलने के डर से कंबाइन वालों ने गेहूं काटने से मना कर दिया दिया।

इससे किसान दर्शन सिंह परेशान हो गया। घर आकर उसने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिलाध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि जिले में अब तक कई किसान खुदकुशी कर चुके हैं। किसानों की आर्थिक हालत बदतर हो रही है।
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18 किसान मानसा में इस साल अब तक दे चुके हैं जान 

सुसाइड - फोटो : demo pic
तीसरी घटना में मुक्तसर के गांव चक्क बाजा में एक किसान बोहड़ सिंह ने आढ़ती से दुखी होकर खुदकुशी कर ली। उस पर आढ़ती शाम लाल का करीब चार लाख रुपये का कर्ज था। आढ़ती अपने रुपयों को लेकर बोहड़ सिंह पर दबाव डाल रहा था।

थाना बरीवाला के प्रभारी इकबाल सिंह ने किसान को हिरासत में लिए जाने की बात से साफ इंकार किया है। उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे जगजीत सिंह के बयान पर आढ़ती शाम लाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी गई है।  
 
18 किसान मानसा में इस साल अब तक दे चुके हैं जान 
37 किसानों ने पिछले साल की थी आत्महत्या 
 
प्रेम मित्तल, विधायक, मानसा ने बताया कि खुदकुशी करने वाले लगभग बारह किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। बाकी के परिवार को भी जल्द रकम दे दी जाएगी। सरकार को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मरने वाले किसानों को सरकार अब दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये मुआवजा देगी। 
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