स्कूल से कॉलेज में दाखिला लेने के बाद सपनों को पंख लगते हैं। जरूरत होती है दिशा तय करने की। कुछ अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहते हैं तो कुछ छात्र राजनीति से उठकर समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। छात्र राजनीति में छोटे-छोटे झगड़े भी होते हैं, लेकिन समय के साथ इन्हें पीछे छोड़कर अपने लक्ष्य की ओर युवा आगे भी बढ़ते हैं। यह झगड़े कुछ युवाओं की दिशा ही बदल देते हैं और अपराध की दुनिया की ओर धकेल देते हैं। हाल ही में चल रहे हत्याओं और बदला लेने सिलसिला चल पड़ा है। इनमें ज्यादातर युवा चंडीगढ़ से पढ़कर निकले हैं। खेल और वक्तव्य शैली के माहिर युवा अब अपराध की दुनिया में वर्चस्व बना रहे हैं। अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट...
एथलीट से गैंगस्टर बन गया संपत नेहरा
गैंगस्टर संपत नेहरा एक अच्छा एथलीट था। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी संपत नेहरा ने सोपू से छात्र राजनीति में कदम रखा। यहां हुए कुछ झगड़ों के बाद अपराध की नींव पड़ी और वह कुख्यात गैंगस्टर बन गया। संपत नेहरा के खिलाफ अब तक हत्या के 20 केस समेत कई अपराधिक केस दर्ज हैं। संपत नेहरा बॉलीवुड कलाकार सलमान खान को मारने की साजिश करते हुए पकड़ा गया था।
छात्र राजनीति से निकला गोल्डी बराड़ अब करवाता है कनाडा से हत्या
पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले पूर्व छात्र नेता गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने भाई गुरलाल बराड़ की मौत के बाद अपराध की दुनिया में पैर रखा था। स्टडी वीजा पर कनाडा गया गोल्डी चचेरे भाई की हत्या के बाद सक्रिय हो गया था। गोल्डी छात्र राजनीति में छोटी लड़ाइयों में शामिल रहता था। उसके बाद गोल्डी ने कनाडा से ही एक के बाद एक लोगों की हत्या करवाना शुरू कर दिया।
गैंगस्टरों का मुखिया लॉरेंस छात्र नेता से बना कुख्यात गैंगस्टर
साल 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में जन्मे लॉरेंस बिश्नोई ने चंडीगढ़ से पढ़ाई की। लॉरेंस के पिता पुलिस में कांस्टेबल रह चुके हैं। पढ़ाई के दौरान उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। यहीं उसकी मुलाकात गोल्डी बराड़ से हुई। उसने यहां छात्र संघ का चुनाव लड़ा लेकिन हार गया। इसके बाद समय बीतने के साथ ही लॉरेंस छात्र नेता से अपराध की दुनिया में बड़ा चेहरा बनता गया। सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी वह शामिल है।
गैंगवार में पूर्व छात्र नेता गुरलाल की हुई थी हत्या
गैंगवार के दौरान 11 अक्तूबर 2020 की रात इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 स्थित एक क्लब के बाहर गोल्डी बराड़ के भाई पीयू के छात्रनेता गुरलाल बराड़ की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सोपू पार्टी के गुरलाल की हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर बंबिहा ग्रुप ने पोस्ट डालकर ली थी। पोस्ट में इस हत्या को गैंगवार से जोड़ा गया था।
पीयू के छात्र नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की गोलियां मारकर हत्या
7 अगस्त 2021 को विक्की मिड्डूखेड़ा की मोहाली सेक्टर-71 में गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या की जिम्मेदारी बंबिहा ग्रुप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली थी। विक्की मिड्डू खेड़ा पंजाब यनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहा था। वह सोई का सदस्य था।
चंडीगढ़ का लक्की पटियाल चला रहा बंबीहा ग्रुप
दविंदर बंबिहा का वर्ष 2016 में पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद से इस गैंग को खुड्डालाहौरा निवासी लक्की पटियाल चला रहा है। लक्की पटियाल विदेश में बैठकर विरोधी गैंग के लोगों की हत्या करवा रहा है। लक्की पटियाल भी पीयू की छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहा था। वह सोई पार्टी में शामिल था।
सोई के प्रेसिडेंट पर गोली चलाने वाला रिंदा बन चुका है आतंकवादी
पाकिस्तान में बैठा रिंदा कभी पीयू में सोपू पार्टी की समर्थन में आता था। रिंदा ने वर्ष 2016 में चुनाव के दौरान सोई के तत्कालीन अध्यक्ष पर गोली चलाई थी। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के निरीक्षक नरेंद्र पटियाल की भी हत्या की भी साजिश रची थी। रिंदा ने दिनदिहाड़े दो लोगों के साथ सेक्टर 38 में होशियारपुर के सरपंच की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। रिंदा वर्ष 2017 से फरार है। इस समय वह पाकिस्तान में बैठा है।
पैरी से बरामद हुए थे विदेशी हथियार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का खास दोस्त इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी छात्र राजनीति में था। वह लॉरेंस के साथ सोपू पार्टी में शामिल था। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में पैर रखा। उसके खिलाफ हत्या सहित कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। पैरी पिछले वर्ष ही जेल से बाहर आया था। ऑपरेशन सेल ने उसे 16 मार्च को उसके घर से विदेशी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया।
बलजीत चौधरी भी छात्र राजनीति से बना गैंगस्टर
बलजीत चौधरी भी पीयू में छात्र राजनीति में था। वह पूसू पार्टी का छात्र नेता था। इसी राजनीति के दौरान छोटे मोटे लड़ाई झगड़ों के बाद उसने अपराध का रास्ता पकड़ लिया। उसके खिलाफ कई आपराधिक केस दर्ज हैं। बलजीत चौधरी पर एक मॉडल ने दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था। बलजीत को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
18 साल की उम्र में एनएसयूआई का छात्र नेता अंकित नरवाल बना गैंगस्टर
सोनीपत के कथूरा गांव का रहने वाला अंकित नरवाल पंजाब यूनविर्सिटी में पढ़ाई के लिए आया। उसने बीए में एडमिशन लिया। वह एनएसयूआई पार्टी का छात्र नेता था। इस दौरान छात्र राजनीति के दौरान मामूली झगड़े के बाद अंकित ने डीएवी कॉलेज के हिंदुस्तान स्टूडेंट एसोसिएशन (एचएसए) से जुड़े दो छात्रों अजय और विनीत की सेक्टर 15 में घर में घुसकर 27 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को अंजाम उसने 18 साल एक महीने की उम्र में दिया। इसके बाद अंकित अपरध की दुनिया में चला गया। उसके खिलाफ रंगदारी हत्या समेत कई अपराधिक केस दर्ज हैं। अंकित नरवाल कुख्यात गैंगस्टर संपत नेहरा का रिश्तेदार है।