चंडीगढ़। ओबीसी आरक्षण को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे आठ विद्यार्थियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पीयू प्रबंधन ने उन्हें हॉस्टल से निकालने के नोटिस जारी किए हैं और एक महीने तक सेमेस्टर परीक्षा देने से रोक दिया है।
सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर पीयू में पंजाब की ओबीसी आरक्षण नीति लागू करने के लिए किए प्रदर्शन के बाद प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। पीयू प्रबंधन के इस रवैये के खिलाफ आवाज उठाते हुए सभी छात्र संगठनों ने मिलकर ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया है। इसके तहत विद्यार्थियों ने पीयू के उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का हनन करने के आरोप लगाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि पीयू पुलिस के सहारे, सख्त कार्रवाई कर उन पर दबाव बना रही है। आठ विद्यार्थियों में संदीप, रिमलजोत सिंह, अश्मीत सिंह, गुरविंदर सिंह, दर्शप्रीत सिंह, अर्शदीप सिंह, धर्मपाल सिंह और नवप्रीत शामिल है। सभी को उनके विभाग अध्यक्ष द्वारा एक महीने तक डिटेन किया और डीएसडब्ल्यू द्वारा उनके प्रदर्शन को लेकर हॉस्टल खाली करने का नोटिस जारी किया है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी यह छात्र संगठन शामिल
ज्वाइंट एक्शन कमेटी में एएसएफ, सीवाईएसएस, हिमसू, एचएसए, आईएसए, एनएसयूआई, पीएफयूएस, पीएसयू-ललकार, पुसू, सथ, एसएफएस, सोई, सोपू और यूएसओ शामिल है। जेएसी के बैनर तले सभी छात्र संगठन आज एक बजे कुलपति कार्यालय के बाहर पीयू प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
यह है मामला
पीयू की कोई निश्विचत आरक्षण नीति नहीं है। वह न केंद्र और न ही पंजाब की आरक्षण नीति का पालन करता है। शिक्षक और गैर शिक्षक भर्ती में केंद्र में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत है और पंजाब में 12 प्रतिशत। लेकिन पीयू भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण जीरो प्रतिशत है। एससी आरक्षण पीयू में पंजाब और केंद्र सरकार दोनों से कम है। ऐसे में पिछले एक महीने से कुलपति कार्यालय के बाहर 24/7 धरना पर बैठक कर एसएफएस पीयू को सही से आरक्षण नीति लागू करने और अभी बिना नीति के रही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रहा है। वहीं, सथ छात्र संगठन भी 15 दिनों से अधिक समय से कुलपति कार्यालय के बाहर 24/7 धरने पर बैठक कर इसी मुद्दे पर पंजाब की आरक्षण नीति लागू करने और अभी चल रही शिक्षक भर्ती को रोकने की मांग कर रहे हैं। इस पर सोमवार को सथ छात्र संगठन ने सोमवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया था। पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के चलते सात विद्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। अब इन्हीं सात विद्यार्थी और एसएफएस छात्र के खिलाफ पीयू ने हॉस्टल खाली करने और एक महीने तक परीक्षा न देने के आदेश दिए हैं।