चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में सोमवार को छात्र संगठनों की ओर से फीस वृद्धि को लेकर वीसी दफ्तर का घेराव किया गया। इस दौरान न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के छात्र भी उपस्थित रहे और विभाग में एमएससी कोर्स के दाखिले शुरू करवाने की मांग रखी। छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान छह विभागों का विलय करने का भी विरोध किया और इस फैसले को वापिस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सथ, एसएफएस, एएसए, पीएसयू-ललकार, सोई और पुसु छात्र संगठन के सदस्य शामिल रहे।
छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि शिक्षा कोई वस्तु नहीं है। यह समाज की भलाई और उसके उत्थान के लिए है। सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में फीस बढ़ाने की बजाय केंद्र सरकार को शिक्षा के बजट में बढ़ावा कर संस्थानों को फंड देना चाहिए। वीसी पीयू को निजी ढांचे में बदलना चाहता है। इसके साथ ही कहा पीयू की ओर से विलय किए जाने वाले छह विभागों की अपनी अलग पहचान है। वहीं, छह ही विभाग अलग-अलग विषय और शोध क्षेत्र के हैं। इनका आपस में विलय करने से ये अपनी पहचान खो देंगे इसलिए इस फैसले को वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के छात्र भी शामिल हुए।
पीयू प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा
छात्रों ने विभाग को धक्के से बंद करने का विरोध जताया और बीच में ही रोके गए एमएससी दाखिले को फिर से शुरू करने की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि विभाग शोध क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ होने के साथ प्लेसमेंट भी 100 प्रतिशत देता है। प्रदर्शन के दौरान एसएफएस से संदीप, एएसए से बलिंदर कुमार, सथ से हरमन, पीएसयू ललकार से जोबन, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग से शोधार्थी अनिल, पुसु से रविंदर सिंह और सोई से मनजोध पड्डा ने विचार रखे। प्रदर्शन के बाद छात्रों की ओर से पीयू प्रशासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।