पंजाब में पराली जलाने पर होगी सख्ती।
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पर्याप्त प्रबंधों व सख्ती के बावजूद अमृतसर में इस बार पराली जलाने के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। सरकार ने जिला प्रशासन को लताड़ लगाई है। इसके चलते प्रशासन ने अब पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का फैसला ले लिया है। सैटेलाइट रिपोर्ट के अनुसार राज्यभर में 410 स्थानों पर पराली जलाई गई है। इनमें से 335 मामले सिर्फ अमृतसर में ही सामने आए हैं, जबकि अमृतसर में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त प्रबंध किए थे।
जिले में सरकार की ओर से 734 गांवों में 776 नोडल अधिकारी पराली जलाने से रोकने के लिए लगाए थे। जबकि 50 के करीब कलस्टर अधिकारी भी तैनात थे। वहीं 130 ऐसे गांव है जिनमें किसानों ने सबसे अधिक पराली जलाई है। मजीठा ब्लॉक में सबसे अधिक पराली जलाने के मामले आए हैं।
सरकार से फटकार के बाद अब प्रशासन ने पराली जलाने वालों के खिलाफ जुर्माना और राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने का आदेश दिया है। इससे आग लगाने वाले किसानों को भविष्य में सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। अमृतसर के डीसी अमित तलवाड़ ने कहा कि पराली जलाने की घटना सहन नहीं होगी। आरोपियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।