भारत और पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत करने को दोनों मुल्कों के पूर्व फौजियों ने पहल की है। दिलों को जोड़ने की यह पहल भी दिल के नामी अस्पताल फोर्टिस में हुई।
जहां ‘हेल्थकेयर- ए ब्रिज टू पीस’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया था। इंडिया पाकिस्तान सोल्जर्स इनीशिएटिव फॉर पीस के बैनर तले इस डेलिगेशन में तीस मेहमानों ने शिरकत की। पद्म विभूषण स्व. निर्मला देशपांडे ने दोनों मुल्कों में आईपीएसआई के चैप्टर स्थापित किए थे।
पाक चैप्टर के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हुमायूं बंगश ने कहा कि यह रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों की पहल पर शुरू किया अभियान है। पिछले कई सालों में दोनों मुल्कों के दल आते-जाते रहे हैं।
पाक दल रविवार को यहां पहुंचा है और तीन दिसंबर तक रहेगा, फोर्टिस उनका पहला पड़ाव था। वहीं, भारतीय चैप्टर के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मोती डार ने कहा कि संगठन दोनों मुल्कों में राजनीति, आर्थिक, कारोबारी एवं सैन्य नेतृत्व के साथ शांति प्रयासों को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट मेजर जनरल तेज कौल ने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच भाषा या संस्कृति के बंधन नहीं हैं, लाइफस्टाइल भी एक सा है। मेडिकल टूरिज्म भी रिश्ते मजबूत करने में अहम रोल अदा कर सकता है। भारतीय चैप्टर के ब्रिगेडियर इंदरजीत सिंह ने कहा कि कार्डियक सर्जरी, इन्फर्टिलिटी, प्लास्टिक सर्जरी, मोटापा व डायबिटीज के क्षेत्र में पाकिस्तान फायदा उठा सकता है।
फोर्टिस के डॉक्टरों ने पहले भी पाक मरीजों को सेवाएं दी हैं। दोनों मुल्कों को चाहिए कि वे ग्रेट एशियन हाईवे का इस्तेमाल कारोबार और मेडिकल टूरिज्म में करें। पाक चैप्टर के कर्नल ताहिर कारदार ने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल्स को मल्टी वीजा मिलने से फायदा होगा।