नगर निगम की बजट मीटिंग शुरू होने से पहले ही सोमवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। बैठने की अव्यवस्था पर कई पार्षद इतने नाराज हुए कि वे मीटिंग का बहिष्कार कर गए।
बाद में मेयर ने माफी मांगकर मामला शांत कराया और बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस दौरान पार्षदों को विकास कार्यों के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये अलॉट करने का भी प्रस्ताव पास हुआ।
वहीं, हाउस की जनरल मीटिंग में मोबाइल टावरों, स्ट्रीट लाइट और जर्जर सड़कों के मुद्दे पर भी पार्षदों ने निगम प्रशासन और तकनीकी अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए।
मोबाइल टावरों के मुद्दे पर तीन जगहों से शिकायत दी गई, जिसे कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने तत्काल हटवाने के निर्देश दिए।
पार्क में जाकर बैठ गए पार्षद
नगर निगम की बैठक सेक्टर दो स्थित रेड बिशप में मेयर उपिंद्र अहलुवालिया, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त पूजा चावरिया, मनिता मलिक एवं कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग की अध्यक्षता में बुलाई गई थी।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए जब पार्षद रेड बिशप पहुंचे तो वहां पार्षदों के लिए ठीक से बैठने की व्यवस्था नहीं थी। बैठक में सीबी गोयल, सलीम खान, सतिंद्र टोनी एवं रविकांत स्वामी ने जमकर हंगामा किया, जबकि महिला पार्षद भी वार्ड के विकास के मुद्दे पर डटी रहीं।
बाद में कुछ पार्षदों ने बैठक का वाकआउट कर दिया और 11 पार्षद पार्क में जाकर बैठ गए, जबकि कुछ पार्षद एक तरफ खड़े रहे।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने फटाफट कुर्सियों के आगे टेबल करवाए और इन पार्षदों को मनाने के लिए मेयर उपिंद्र आहलुवालिया भी आ पहुंचीं।
मेयर ने सीधे माफी मांगी, ईओ ने बातों को घुमाया
वार्ड नंबर नौ के पार्षद सीबी गोयल ने कहा कि वह एक शर्त पर ही बैठक में जाएंगे, यदि मेयर और ईओ ओपी सिहाग सभी पार्षदों से माफी मांगें।
मेयर ने पार्षदों की बात मान ली और पार्षद बैठक में हिस्सा लेने के लिए राजी हो गए। बैठक की शुरुआत में मेयर ने स्पष्ट तौर पर माफी मांग ली, लेकिन ओपी सिहाग ने बात को घुमाते हुए कहा कि वह किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। इसके बाद बैठक शुरू हुई।
इस बार 74 करोड़ राजस्व की उम्मीद
इस वर्ष नगर निगम को लगभग 74 करोड़ की कमाई की उम्मीद है, जिसमें हाउस टैक्स के मद में चार करोड़ रुपये, स्टांप ड्यूटी से 45 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है। वहीं, विभिन्न विकास कार्यों पर 89 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अब शिला पट पर नहीं होगा किसी का नाम
मेयर उपिंदर अहलूवालिया ने नगर निगम के अधीन होने वाले किसी भी निर्माण कार्य के दौरान नाम का पत्थर नहीं लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
साथ ही पार्षदों के बीच यह भी सहमति बनी कि निगम की ओर से किए जाने वाले किसी भी निर्माण कार्य का विधायक उद्घाटन नहीं करेंगे। उस उद्घाटन संबंधित वार्ड का पार्षद ही करेगा।