नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) के कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई हैं। नोडल आफिसर सोमा रानी ने कर्मियों को बताया कि उनकी अधिकतर मांगे मान ली गई है।
जिन मांगों की मानने की पावर एनआरएचएम के पास नहीं है, उसके बारे वे स्वयं लेटर लिखेंगी। आश्वासन मिलने के बाद एनआरएचम ने अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है।
इससे पहले कर्मियों ने सोमवार को सेक्टर 22 क्लीनिक से सेक्टर 16 हास्पिटल तक मार्च निकाला। इस दौरान कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ये सभी कर्मचारी इंप्लाइज वर्किंग अंडर दी कंट्रोल ऑफ डीएचएस चंडीगढ़ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे थे। सभी हेल्थ वर्कर कांट्रैक्ट के आधार पर रखे गए थे।
फिलहाल इनकी नियुक्ति डिस्पेंसरी, डॉट सेंटर और अन्य विभागों में है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ में आधे से ज्यादा हेल्थ वर्कर कांट्रैक्ट के आधार पर रखे गए हैं।
इनकी संख्या 500 से ऊपर है। ये सभी डिस्पेंसिरयों में कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने मांग पत्र पिछले कई महीनों से दे रहे हैं, लेकिन एक भी बार उनकी नहीं सुनी गई।
सभी झूठे आश्वासन दिए गए। निकाले गए कर्मचारियों के बारे में आश्वासन भी दिया गया है कि उनके बारे में जल्द केंद्रीय स्तर पर बातचीत की जाएगी।