यादव ने बताया कि हाल ही में यह देखा गया है कि कुछ राजनीतिक तथा अन्य लोग मंडियों और अन्य खरीद केंद्रों पर गेहूं और सरसों की खरीद का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे है, जोकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश व दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
लिहाजा मंडी में राजनीति करने की इजाजत नहीं होगी। चूंकि पुलिस और सिविल प्रशासन दोनों ही कोविड-19 के समय में बहुत कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विपदा के समय में पुलिस का सहयोग करते हुए मंडियों का दौरा न करें।
साथ ही, कोविड-19 को हराने के लिए कुछ दिन और लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कानून अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा की मंडियों में भीड़ एकत्र करने वाले नेताओं को सरकार ने एक बार फिर चेताया है। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि नेता चाहें सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का भीड़ जुटाने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने कैथल की अनाज मंडी में लॉकडाउन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई थी। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अनिल विज काफी सख्त नजर आए।
मामले को लेकर कड़े तेवर दिखाते हुए विज ने विपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष के नेताओं को भी ये हिदायत दी है कि अगर कोई भी नेता मंडियों में भीड़ जुटाएगा तो बक्शा नहीं जाएगा। विज ने बताया कि इसके लिए उन्होंने सभी जिलों के एसपी और कमिश्नरों को कार्रवाई करने के भी आदेश दे दिए हैं।
अनिल विज ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि प्रदेश में धारा- 144, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और एपिडेमिक एक्ट लगा हुआ है, ऐसे में नेता इनके उल्लंघन की न सोचें। पहले 21 दिन का लॉकडाउन और फिर 19 दिन का लॉकडाउन अब जारी है। इसके बावजूद भी देश मे कोरोना थम नहीं रहा।
ऐसे में क्या सरकारें तीसरे लॉकडाउन के लिए भी विचार कर रही है। इस मुद्दे बातचीत करते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि सभी हालातों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि 3 मई में अभी कई दिन बाकी हैं लेकिन आने वाले समय मे जो भी फैसला होगा वो देश हित में होगा ।