लावारिस कुत्ते (सांकेतिक तस्वीर)
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पंजाब के अबोहर में पिछले 21 दिनों में 155 लोगों को कुत्तों ने शिकार बनाया है। इससे लोगों में नगर निगम के खिलाफ भारी रोष है। गुरुवार शाम को आनंद नगरी निवासी करीब 14 वर्षीय बच्चे को लावारिस कुत्तों ने बुरी तरह से नोच डाला। वहीं दो युवकों ने हिम्मत करके बच्चे को कुत्तों से छुड़ाया और तुरंत अस्पताल में दाखिल करवाया। दो दिन पहले भी इसी बच्चे को कुत्तों ने काटा था। उसे रेबीज के दो टीके भी लग चुके हैं।
आनंद नगरी गली नंबर- 5 में वंश पुत्र सोनू शाम करीब साढ़े आठ बजे अपने दोस्तों के साथ गली में पैदल जा रहा था। तभी अचानक लावारिस कुत्तों ने बच्चों पर हमला बोल दिया। वंश के दोस्तों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई जबकि वंश कुत्तों के झुंड में घिर गया। कुत्तों ने उसे बुरी तरह से नोच डाला। शोर मचाने पर वहीं से गुजर रहे नरेश गगनेजा व मंदीप सिंह ने किसी प्रकार से बच्चे को कुत्तों के आतंक से छुड़ाया और सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। मामले की सूचना मिलते ही बच्चे की मां भी सरकारी अस्पताल पहुंच गई।
लावारिस कुत्तों की समस्या पर नगर निगम गंभीर नहीं है। उसकी घोर लापरवाही सामने आ रही है। गुरुवार को ही नानक नगरी निवासी नरेश गर्ग को कुत्तों ने बुरी तरह से नोच डाला था। वहीं तीन दिन पहले मलोट रोड पर स्थित गुरुकृपा कॉलोनी में करीब तीन वर्षीय बच्चे को कुत्तों ने अपना निशाना बनाया था। इससे पूर्व भी बड़ी तादाद में लोग इन खूंखार कुत्तों का शिकार बन चुके हैं।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 21 दिनों में 155 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इनका सरकारी अस्पताल में उपचार किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या ऐसे लोगों की हैं... जिन्होंने कुत्ते के काटने पर निजी अस्पतालों में अपना उपचार करवा लिया।
सरकार से नहीं मिल रही मदद: महापौर
नगर निगम के महापौर विमल ठठई ने कहा कि जनता की समस्या पर वह गंभीर हैं। इस मामले में सरकार उनकी कोई मदद नहीं कर रही है। सरकार से कुत्तों की नसबंदी के लिए 839 रुपये प्रति कुत्ते के हिसाब से फंड जारी करने को कहा था लेकिन आज तक कोई पैसा जारी नहीं किया गया। वहीं वेटरिनरी विभाग को कुत्तों की नसबंदी के लिए समुचित व्यवस्था भी करनी होगी। इसमें कुत्तों को पकड़ने की टीम व उन्हें ले जाने के लिए वैन का प्रबंध भी करना है। यह सारी व्यवस्था सरकारी फंड के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वे आज ही जिला उपायुक्त के माध्यम से पत्र लिखकर सरकार से फंड जारी करने की मांग करेंगे ताकि शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जा सके।