प्रकाश सिंह बादल के निधन की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव बादल पहुंची तो रात भर उनके करीबी, चाहने वाले और समर्थक सो नहीं सके। यहां तक कि अनेक घरों में तो चूल्हे तक नहीं जले। सुबह से ही गांव बादल स्थित प्रकाश सिंह बादल के आवास पर नेताओं और समर्थकों का तांता लगा रहा।