चंडीगढ़ के गांवों में 18 साल बाद चूल्हा टैक्स की वसूली शुरू हुई है। ग्राम पंचायतें गांवों में चूल्हा टैक्स वसूल कर रही हैं। कई लोगों ने वर्षों से चूल्हा टैक्स अदा नहीं किया है।
जब पंचायतों का गठन हुआ था तभी से चूल्हा टैक्स ग्राम पंचायतों की आमदनी के लिए लगाया था। यह टैक्स दो रुपये से लेकर सात रुपये तक प्रतिवर्ष है।
करीब तीन पीढ़ियों से गांवों में दो रुपये, पांच रुपये और सात रुपये चूल्हा टैक्स लगाया जा रहा है। दड़वा गांव में 1997 से अब तक यानी 18 साल से 130 से अधिक लोगों ने चूल्हा टैक्स अदा नहीं किया है।
यहां के ग्रामीणों पर 18 हजार रुपये चूल्हा टैक्स बकाया है। अब ग्राम पंचायत चूल्हा टैक्स वसूल रही है। पिछले एक सप्ताह में छह हजार रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
गांव के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने बताया कि चूल्हा टैक्स वसूला मुश्किल काम है। एक साल के सात रुपये एक चूल्हे का टैक्स है। गांव में घर ढूंढना भी मुश्किल काम है।
तीन पीढ़ियां गुजर गई हैं। खुड्डा अलीशेर में 140 लोगों पर चूल्हा टैक्स बकाया है। चूल्हा टैक्स के रूप में प्रति चूल्हा सात रुपये है। इसी प्रकार अन्य गांवों में चूल्हा टैक्स बकाया है।
खुड्डा अलीशेर के सरपंच डॉ. हुकम चंद का कहना है कि चूल्हा टैक्स की राशि बहुत कम होने से उसे वसूलना मुश्किल काम है।
टैक्स जमा न कराने पर चुनाव नहीं लड़ सकते
ग्राम पंचायत में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को जिनके नाम चूल्हा टैक्स हैं, उन्हें ये टैक्स जमा कराना अनिवार्य है। चूल्हा टैक्स अदा न करने पर वह चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
ये हैं ग्राम पंचायतें
चंडीगढ़ में दड़वा, बहलाना, रायपुरखुर्द, रायपुर कलां, किशनगढ़, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा जस्सू, सारंगपुर, धनास, मौली और कैंबवाला ग्राम पंचायतें हैं। यहां के लोगों को चूल्हा टैक्स अदा करना पड़ता है।
कोटस...
सभी गांवों में चूल्हा टैक्स वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर ही चूल्हा टैक्स गांवों में वसूल करती हैं।
-सुंदर लाल नौटियाल, बीडीपीओ चंडीगढ़।