फतेहाबाद की एचआईवी पीड़ित बहनों की दर्दनाक स्टोरी
- फोटो : अमर उजाला
ससुरालियों ने धक्के मारकर घर से निकाल दिया। बच्चों की भी मौत हो गई। एचआईवी पीड़ित दो बहनों की दर्दनाक कहानी सुनकर रो पड़ेंगे। मामला हरियाणा के फतेहाबाद का है। अब दोनों बहनें न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं।
वहीं, ससुराल में बसाने के नाम पर पुलिस ने भी दोनों बहनों से किनारा कर लिया है। यहां तक कि दोनों बहनों ने पुलिस, प्रशासन पर तलाक के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हिसार जिले के एक गांव निवासी दोनों बहनों की शादी फतेहाबाद जिले के एक गांव में एक ही परिवार में तीन साल पहले हुई थी।
सिविल अस्पताल पहुंची पीड़िता ने बताया कि गर्भवती होने पर जब उसकी जांच की गई तो एचआईवी पॉजिटिव रिपोर्ट आई। उसकी बहन रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली। दो महीने बाद उसके बच्चे की मौत हो गई और छह महीने बाद बहन के बच्चे ने दम तोड़ दिया।
उनका आरोप है कि जब बहन दोबारा गर्भवती हुई तो उसका गर्भ गिरा दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि ससुरालजनों ने छह महीने पहले उन्हें यह कहकर घर से निकाल दिया कि उनकी वजह से घर में बीमारी फैल जाएगी। अब दोनों बहनें न्याय के लिए धक्के खा रही हैं।
पुलिस कर्मी बोले, तुम मायके में ही रहोगी, तलाक दे दो
फतेहाबाद की एचआईवी पीड़ित बहनों की दर्दनाक स्टोरी
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पीड़िता ने आरोप लगाया कि हिसार के थाने में घर बसाने के लिए गई थी लेकिन पुलिस कर्मियों ने बसाने से मना कर दिया। पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि तुम मायके में ही रहोगी और तलाक दे दो। वे अपने ससुराल में रहना चाहती हैं, लेकिन पुलिस मदद नहीं कर रही है।
साथ रहने से नहीं फैलता एचआईवी, ससुराल जाकर करेंगे जागरूक
एचआईवी कभी भी साथ रहने से नहीं फैलता है और न ही एक-दूसरे की चीजें प्रयोग करने से फैलता है। एचआईवी के साथ जी रहीं दो बहनों में से एक का पहले रोहतक और अब यहां पर इलाज चल रहा है। ससुराल जनों द्वारा दोनों बहनों को घर से निकालने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ससुराल में जाकर उन्हें इस बारे में जागरूक करेगी। प्रयास रहेगा कि दोनों बहनों का घर बस जाए।
- दिनेश ढाका, परामर्शदाता आईसीटीसी, सिविल अस्पताल फतेहाबाद