पंजाब में फिलहाल न तो किसी भाजपाई मंत्री से इस्तीफा लिया गया है और न ही किसी को हटाने पर कोई फैसला हुआ है। प्रदेश भाजपा प्रभारी शांता कुमार ने बुधवार को स्थानीय पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
बता दें कि मंत्रियों के इस्तीफों की चर्चा के बीच ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार को ही साफ कर दिया था कि फिलहाल किसी भाजपा मंत्री से इस्तीफा नहीं मांगा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह से मुलाकात करने के बाद शांता कुमार ने कहा कि मंत्रियों से इस्तीफा लिए जाने संबंधी बात कैसे फैली, उनकी समझ से परे है। शांता कुमार की मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान भी भाजपा मंत्रियों के इस्तीफों से संबंधित कोई चर्चा नहीं हुई।
मुख्यमंत्री बादल के साथ बैठक
इस दौरान प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बलरामजीदास टंडन की अगुवाई वाली पार्टी की समीक्षा कमेटी रिपोर्ट पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसकी सिफारिशों पर कार्रवाई के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्णय हुआ। इसमें भाजपा और शिअद के 3-3 सदस्य होंगे। यह कमेटी उक्त रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर निरंतर अपने सुझाव देगी और सरकार उन पर काम करते हुए कमियों को दूर करेगी। कमेटी की अवधि तीन महीने की होगी। ध्यान रहे कि समीक्षा कमेटी ने प्रॉपर्टी टैक्स, रेत बजरी की कमी, वैट रिफंड में देरी, व्यापार व उद्योगों से संबंधित समस्याओं, ड्रग्स, स्टांप ड्यूटी आदि मुद्दों पर अपनी सिफारिशें दी हैं।
मुख्यमंत्री के साथ बैठक में कहा गया कि अधिक प्रॉपर्टी टैक्स, रेत-बजरी की कमी व इनकी बढ़ी कीमतें तथा व्यापारियों-उद्योगपतियों की समस्याएं चुनाव में गठबंधन के निराशाजनक प्रदर्शन की मुख्य वजह रही। वहीं, ड्रग्स तस्करी के मुद्दे ने रही सही कसर पूरी कर दी। बैठक में शांता कुमार सहित सह प्रभारी शाम जाजू, प्रदेशाध्यक्ष कमल शर्मा, पूर्व अध्यक्ष बलरामजी दास टंडन आदि भी उपस्थित थे।
भाजपाइयों पर अब भी लटक रही तलवार
शांता कुमार ने स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनाव में अकाली-भाजपा गठबंधन का प्रदर्शन संतोषजनक न रहने पर पार्टी में विभिन्न स्तरों पर आत्म निरीक्षण जारी है और परिस्थितियों के मुताबिक प्रदेश संगठन सहित मंत्रियों के बदलाव से संबंधित फैसले हफ्तेभर में ले लिए जाएंगे। इससे साफ है कि पंजाब के भाजपा मंत्रियों और प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों के सिर पर बदलाव की तलवार अब भी लटक रही है।