शहादत देने के बाद भी बेनामी में गुम हो चुके 1857 की क्रांति के दूतों के नाम अब अंबाला में बनने वाले स्मारक पर अंकित किए जाएंगे। सरकारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो शीघ्र ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर यहां स्मारक की आधारशिला रखेंगे।
स्मारक के लिए चिह्नित जमीन की सफाई करवाने के लिए अंबाला उपायुक्त को निर्देश दे दिए गए हैं। स्मारक पर 1857 की क्रांति के योद्धाओं के नामों का उल्लेख होगा। स्मारक में विकसित किए जाने वाले 6 पार्कों में 1857 की क्रांति की घटनाओं का क्रमवार उल्लेख होगा।
अंबाला के इतिहास तथा 1857 की क्रांति में हरियाणा के लोगों के योगदान पर आधारित म्यूजियम भी बनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर का स्मारक होने के कारण इस स्थल पर विशिष्ट तथा अति विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन की सुविधा के लिए शहीदी स्मारक के पिछली ओर हैलीपैड बनाए जाने का प्लान है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हमेशा ही विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह मुद्दा सिरे नहीं चढ़ सका। अब हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के बाद विज ने यहां स्मारक बनवाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है।
मंगलवार सीएम सचिवालय में इस मसले पर देर तक बैठक हुई। इसके बाद अधिकारियों ने योजना को मूर्त रूप देने के लिए अंबाला उपायुक्त को बातचीत के लिए बुलाया है। सीएम सचिवालय में मामले से जुड़े पुराने दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
नौ मई को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा भूमि पूजन किया जाएगा। जबकि 11 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर स्मारक की आधारशिला रखेंगे। पूर्व की हुड्डा सरकार में स्मारक निर्माण के लिए तैयार किए गए ब्लू प्रिंट में 70 फुट ऊंचाई के विशाल और आकर्षक शहीदी स्मारक के साथ-साथ 20-20 फुट ऊंचाई की दो दीवारें बनाने की योजना तैयार की गई थी।
मेरी दिल्ली इच्छा है कि यह स्मारक बने। जिन शहीदों के नाम गुमनामी के अंधेरे में हैं पूरा देश उनको जाने। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की स्वीकृति दे दी है। अब 9 मई को ऐतिहासिक दिन भूमि पूजन तथा 11 मई को मुख्यमंत्री इसकी आधारशिला रखेंगे।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा