जींद में चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट के मामले में दोषी पाए गए पुलिसवाले बख्शे नहीं जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उक्त निर्देश जारी किए।
उन्होंने चिकित्सकों से भी अपील की है कि वे सरकार पर विश्वास करके स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल रखें ताकि आम व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में कोई दिक्कत न आये।
स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में जनता की समस्याएं सुनने के उपरांत मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होने कहा कि जींद के सरकारी अस्पताल की घटना को लेकर चिकित्सकों का एक प्रतिनिधिमंडल उन से मिला था और उन्होने उसी समय जींद के उपायुक्त को पूरे मामले में दोनों पहलूओं की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिये थे।
उन्होंने कहा कि उपायुक्त की जांच रिपोर्ट तथा घटना से संबंधित सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर यह बात सामने आई है कि डाक्टर के अस्पताल में मौजूद न होने का आरोप सही नहीं है क्योंकि कैमरे की रिकार्डिंग के मुताबिक चिकित्सक मौके पर मौजूद था और जब मरीज को स्ट्रैचर पर लाया जा रहा था वह मरीज के साथ चल रहा था।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मौके पर प्रदर्शन करने वाले लोगों से चिकित्सको को मार-पीटाई से बचाने की बजाए चिकित्सकों से बदसलूकी की गई है।
विज ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बातचीत की गई है और इस पूरे मामले को स्वास्थ्य विभाग के सचिव और पुलिस महानिदेशक स्वयं देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मामले में पुलिस अधिकारी अथवा कर्मी दोषी पाये गये तो उन्हें बक्शा नहीं जायेगा और कानून अपना काम करेगा।