हरियाणा के करीब 3700 लोग विदेशों में फंसे हैं। जिन्हें लाने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। ये वे लोग हैं जो किसी आवश्यक काम से विदेश गए थे, या फिर वहां से संकट के समय में यहां वापस आना चाहते हैं। ऐसे लोगों के लिए एक पोर्टल बनाया जा रहा है। जिसके माध्यम से ये लोग स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं। एक से दो दिन में यह पोर्टल चालू हो जाएगा। पोर्टल से आवेदन करने वालों की सारी प्रक्रिया पूरी कर इन्हें बुलाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके अलावा हम रेलवे के माध्यम से भी एक दूसरे प्रदेश में फंसे लोगों के आवागमन पर विचार कर रहे हैं। रेलवे के लिए जल्द पोर्टल शुरू होने की उम्मीद है। रेल विभाग ने कहा है कि 1200 लोगों के लिए वे रेलगाड़ी का प्रबंध कर सकते हैं। यह रेल नॉन स्टाफ नॉन एसी स्लीपर होगी। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से लोगों को उनके गृह राज्य में भेजा जाएगा।
मालूम हो कि हरियाणा के ऐसे लोग जो दूसरे प्रदेशों में फंसे हैं और यहां आना चाहते हैं। उनके लिए नोडल अधिकारी तय कर दिया गया है। ऐसे में यहां से अपने प्रदेश में जाने वाले व्यक्तियों के लिए भी नोडल अधिकारी को ही जिम्मेदारी दी गई है। ये नोडल अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में हैं और यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि कौन से लोग एक दूसरे प्रदेश में आना-जाना चाहते हैं।
सभी तरह का समन्वय होने के बाद ही सरकार इसकी अनुमति देगी। फिलहाल लोग अपने जिलों में डीसी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।