सेक्टर-16 स्थित पंजाब कलाभवन में नाटक का मंचन करते कलाकार।
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चंडीगढ़। सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन में सुचेतक रंगमंच द्वारा आयोजित ‘गुरशरण सिंह नाट्य उत्सव’ के पांचवें दिन दो नाटकों का मंचन हुआ। यह नाट्य उत्सव पंजाब कला परिषद और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
पहला नाटक ‘बेगमों दी धी’ का मंचन हुआ। इसे सुचेतक स्कूल ऑफ एक्टिंग के कलाकारों ने प्रस्तुत किया। दूसरा नाटक दिल्ली रोड ते इक हादसा सुचेतक रंगमंच की ओर से अनीता शब्दीश के निर्देशन में किया। इसे पाली भूपिंदर सिंह ने लिखा है। इस नाटक में अनीता शब्दीस ने भूमिका निभाई हे।
‘बेगमों की धी’ दिवंगत कवि जोगा सिंह की कविता पर आधारित गुरशरण सिंह की रचना है। इस नाटक की कहानी एक स्कूल टीचर के इर्द-गिर्द घूमती है।
‘गुरशरण सिंह नाट उत्सव’ का समापन पाली भूपिंदर सिंह के एकल नाटक ‘दिल्ली रोड ते एक हादसा’ के साथ हुआ। यह नाटक हमारे लोकतंत्र के उन पर्दों को उजागर करता है, जिसमें राजनीति के चेहरों पर से नकाब उतर जाते हैं। हर दिन नए चढ़ जाते हैं।
यह नाटक बताता है कि हमारे देश में सत्ता संघर्ष क्या कर रहा है। इस नाटक में सत्ता की प्रतीक बनीं महारानी अपने बेटे के बलात्कार की शिकार युवा पीड़िता को आत्महत्या करने पर मजबूर करती हैं। उसके भाई को पुलिस के हाथों मरवा देती है और अपनी बहू का एक्सीडेंट करवा देती है।