जासूस ने पुलिस पूछताछ में किए बड़े खुलासे
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पिछले सप्ताह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करते हुए पकड़े गए पास्टर जैनसन ने पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए। एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए उक्त पास्टर को दुबई के जरिए पैसा भेजा जाता था।
जांच के दौरान उसके खाते में दुबई से एक लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस उसके खातों और अन्य लेनदेन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे कहां-कहां से पैसे आते थे और वह उन्हें किस-किस को देता था।
उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से पकड़े गए मोबाइल में से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। साथ ही उसके द्वारा पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के साथ शेयर की गई खुफिया जानकारियां और कुछ अहम दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें से ज्यादातर सेना के ठिकानों, सेना की मूवमेंट, सेना की भर्ती व अग्निवीर भर्ती व ट्रेनिंग से संबंधित जानकारियां हैं। उक्त मोबाइल फोन में से उसने पाकिस्तानी हैंडलर के साथ साझा की गई बहुत सी जानकारियां डिलीट कर दी हैं।
एसएसपी ने बताया कि उक्त दोनों मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आरोपी विभिन्न कंपनियों के भारतीय सिम लेकर उनमें व्हाट्सऐप व अन्य एप एक्टिवेट करके उन्हें पाकिस्तान स्थित अपने हैंडल्स को भेजा करता था जिसके जरिए वह भारत में अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे।
गौततलब है कि आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ पास्टर जैनसन मूल रूप से जिला तरनतारन के गांव फतेहपुर से है। लेकिन गत चार साल से स्थानीय मोहल्ला विजय नगर में रहता है। पास्टर जैनसन दो बार पाकिस्तान में टूरिस्ट वीजा पर जा चुका था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पाकिस्तान की यात्रा दौरान वहां के खुफिया विभाग व पुलिस के अधिकारियों साथ संबंध स्थापित कर लिए। आरोपी सेना के गुप्त ठिकानों व भर्ती संबंधी सूचनाएं पाकिस्तान अधिकारियों को पहुंचाकर उनसे बड़ी कीमत वसूला करता है।