अभी फील्ड में निगम के लगभग 8 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी वह काम कर रहे हैं, जिनकी इन्हें कभी ट्रेनिंग नहीं मिली। ऐसे में बैठक में तय किए निर्णय नीचे के कर्मचारी तक जाना जरूरी है, इसलिए प्रशासक से लेकर नीचे तक के अधिकारियों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। कई बार हेल्पलाइन नंबर तो कभी खुद जाकर प्लान को बताना पड़ता है, लेकिन मुझे खुशी है हमारे कर्मचारी बेहतर काम कर रहे हैं।
अभी लॉकडाउन में शहर सैनिटाइज हो रहा है। लॉकडाउन खुलने के बाद क्या योजना रहेगी?
अभी हम लोगों ने सरकारी दफ्तरों, सेक्टर 26 मंडी, अस्पताल में टनल लगाए हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कुछ योजना तैयार करेंगे। लगातार लोगों को और शहर को सैनिटाइज करेंगे।
पहले निगम में शामिल 13 गांवों में विकास कार्यों की बात होती थी। अब क्या योजना है?
अभी तक गांव में सड़क व अन्य विकास कार्यों की बात होती थी लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान रखा जाएगा। हाल ही में मोहाली के जवाहरपुर गांव से भी सबक लेंगे। लोगों को मास्क बांटेंगे व जागरूक करेंगे। मनोनीत पार्षदों की विलेज डेवलपमेंट कमेटी भी इस पर नजर रखेगी। निगम व पुलिस की टीम अभी भी वहां लगातार जागरूक कर रही है।
हमने राशन, दूध व सब्जी की सप्लाई बिल्कुल नहीं रोकी। होलसेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर्स सभी से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि मूलभूत सुविधाओं को लेकर कहीं कोई समस्या न आए। 11 से 3 लोग खुद दुकानों पर जा सकते हैं। सुबह 9 से रात 9 बजे तक दुकानदार होम डिलीवरी कर सकते हैं। इसके लिए लगातार आसपास के प्रदेशों से बात करके राशन व अन्य सामान तत्काल मंगवा रहे हैं। हमारे पास अच्छा स्टॉक है। बस लोगों से अनुरोध है कि अभी लग्जरी प्रोडक्ट की मांग न करें।
सामान्य तौर पर इंफोर्समेंट विंग पर आरोप लगते रहे हैं। अब इस महामारी में भी एक मामला पकड़ में आया है, क्या कहेंगे?
हम पब्लिक सर्वेंट हैं। लोगों को सुविधा देना हमारा काम है। हां, इस समय थोड़ा ज्यादा काम कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी पॉवर का गलत उपयोग करें। रिश्वत या मिलीभगत की जानकारी मिली तो किसी की नौकरी लेने से भी पीछे नहीं हटूंगा। कल भी कर्मचारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया है और जांच शुरू कर दी है।
सुबह लोगों के घर दूध पहुंचाने से लेकर रात तक शहर को सैनिटाइज कराने के दौरान आपकी दिनचर्या क्या रहती है?
शुरुआत के चार से पांच दिन थोड़ी समस्या हुई, व्यस्तता काफी ज्यादा थी, लेकिन अब काम ट्रैक पर है। वैसे भी सुबह पांच बजे जागकर योग प्राणायाम करता था। अब सुबह 7 बजे मंडी जाता हूं। वहां से लौटकर नाश्ता, फिर ऑफिस। दिन में जरूरी ऑर्डर निकालते हैं, शाम को वार रूम में बैठक। फिर बैठक में लिए गए निर्णय को सभी नीचे स्तर तक के कर्मचारियों तक पहुंचाते हैं। बस ऐसे ही दिन निकल जाता है।
आप सोशल मीडिया पर कम सक्रिय हैं, जबकि इस समय सोशल मीडिया का ट्रेंड बढ़ गया है
मैं शुरू से ही सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहा हूं। यहां नगर निगम का फेसबुक पेज व ट्विटर है, उससे लगातार लोगों से जुड़ा रहता हूं। हां, इस समय सभी लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन दिनभर की व्यस्तता में फेसबुक या ट्विटर के माध्यम से लोगों से जुड़ने का मौका नहीं मिल पाता, लेकिन जो समस्या या शिकायत मिलती है, उसका निवारण तत्काल करता हूं।