क्या आप जानते हैं कि दीपावली के मौके पर एक परंपरागत मिठाई बनाई जाती है? नहीं तो सुनिए, दीपावली पर बनाया जाता है अनारसा। यह एक विशेष व्यंजन है। यह उत्तर भारत में खासतौर से प्रचलित है। अनारसा को बनाना बहुत आसान है। अनारसा दो तरह से बनाए जा सकते हैं। गोल गोल गोलियां या चपटी टिकियां जैसे। गोल-गोल अनारसा खाते समय कुरकुरे होने के साथ-साथ अन्दर से मुलायम होते हैं। इनका स्वाद एकदम अलग होता है। तो आइए जानते हैं कैसे बनता है अनारसा-
अनारसा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री-
छोटा चावल- 300 ग्राम ( 1 1/2 कप )
पाउडर चीनी- 100 ग्राम ( आधा कप )
दही या दूध- 1 टेबल स्पून
घी- 2 टेबल स्पून
तिल- 2 टेबल स्पून
तलने के लिये- घी
ऐसे बनाया जाता है अनारसा विधि-
छोटे नए चावल लीजिए। चावलों को साफ कीजिए, धोइए और भिगो दीजिए। चावल 3 दिनों तक भीगो कर रखने हैं, लेकिन हर 24 घंटे बाद पानी बदलना है। 3 दिन बाद चावलों में से पानी निकालें। चावलों को किसी साफ मोटे सूती कपड़े के ऊपर छाया में फैला दीजिए। 1 या 1 1/2 घंटे में चावलों का पानी सूख जाएगा (चावल पूरी तरह नहीं सूखने चाहिये वे नम ही रहें)।
अब चावलों को मिक्सी से मोटा-आटे जैसा पीस कर एक बर्तन में निकाल लीजिए। आटे को छलनी में छाना जा सकता है। चीनी पाउडर, चावल का पिसा आटा और घी को अच्छी तरह मिलाइए। दही को मथ कर या दूध चम्मच से थोड़ा-थोड़ा करके डालिए। इस मिश्रण को इसी दही या दूध की सहायता से सख्त आटे की तरह गूंथ लीजिए। आटे को 10-12 घंटे के लिए ढक कर रख दीजिए, आटा नरम हो कर सही हो जाएगा।
अब कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिए। कढ़ाई में घी इतना डालिए कि अनारसा अच्छी तरह डुब जाएं। अब अनारसे बनाने के लिए आटे से छोटी-छोटी लोइयां लेकर, तिल में लपेट कर, गोल करके बनाइए। 4-5 अनारसे कढ़ाई में डालिए और करछी से हिलाते हुए ब्राउन होने तक तलें। तले हुए अनारसे प्लेट में नैपकिन पेपर बिछा कर रखिए। इसी तरह सभी अनारसे बना लें।
चपटे अनारसे के लिए आटे से छोटी छोटी लोइयां बनाएं, तिल में लपेटे, फिर से गोल करें। अब हथेली से दबाकर अनारसा को चपटा कर लें और घी में डालकर तल लें। 4-5 अनारसे कढ़ाई में डालिए और करछी से हिलाते हुए ब्राउन होने तक तलें। तले हुए अनारसे प्लेट में नैपकिन पेपर बिछा कर रखिए। इसी तरह सभी अनारसे बना लें। ठंडे होने पर अनारसे को कंटेनर में भरकर रख दें और करीब 15 दिन तक खाते रहें।
अनारसे को तलते समय आंच न तो अधिक धीमी रहे, न ही तेज। धीमी आंच पर तलने से अनारसे सख्त हो जाते हैं और तेज आंच पर वे अन्दर से कच्चे रह जाते हैं।