पंजाब कैबिनेट ने संवैधानिक (126वां संशोधन) बिल-2019 के तहत एससी-एसटी कोटा, एंग्लो इंडियन के बिना राज्य में अगले 10 साल के लिए जारी रखने और अन्य अहम वैधानिक कामकाज के लिए आगामी 16 और 17 जनवरी को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने राज्यपाल को भारतीय संविधान की धारा 174 (1) के तहत सदन का 10वां सत्र बुलाने के लिए सिफारिश करने का फैसला किया है। कैबिनेट ने पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के भाषण को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है, जिससे 16 जनवरी को सुबह 10 बजे विशेष सत्र शुरू होगा।
17 जनवरी को दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद संविधान बिल (126वां संशोधन), 2019 में संशोधन की तसदीक का प्रस्ताव पेश किया जायेगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि उसी दिन प्रस्तावित वैधानिक कामकाज के बाद सदन उठा दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि अलग-अलग बिल जो विशेष सत्र के दौरान रखे जाने हैं, को मंजूरी देने के लिए कैबिनेट की अगली मीटिंग 14 जनवरी को बुलाई जाएगी।
दिव्यांगों के लिए सांस्कृतिक और पर्यटन नीतियों में संशोधन
पर्यटन को दिव्यांगों के लिए और अधिक सहज बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने दिव्यांगों के अधिकार कानून 2016 का पालन करते हुए पंजाब राज्य सांस्कृतिक नीति 2017 और पंजाब राज्य पर्यटन नीति 2018 में जरूरी संशोधनों को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा पास की गई आरपीडब्ल्यूडी के अनुसार, राज्य सरकार के सभी विभागों को इससे संबंधित धाराओं को अपनाने और शामिल करने की जरूरत है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने आरपीडब्ल्यूडी एक्ट के सेक्शन 29 की कुछ धाराओं को पंजाब राज्य सांस्कृतिक नीति 2017 और पंजाब राज्य पर्यटन नीति 2018 में शामिल करने को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने पंजाब राज्य सांस्कृतिक नीति 2017 में दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंधों संबंधी पैरा 10.8 की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह दिव्यांगों के हितों और योग्यता को देखते हुए दिव्यांग कलाकारों और लेखकों को सुविधाएं, समर्थन और सहयोग देने से संबंधित है, जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों तक कला को पहुंचाना, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए नाच और कला में भाग लेने के लिए सुविधाएं मुहैया करवाना और सांस्कृतिक और कला विषयों के कोर्सों को फिर डिजाइन करके इन कोर्सों में हिस्सा लेने की सुविधा प्रदान करना शामिल है।
इसी तरह दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष प्रबंधों को पंजाब राज्य पर्यटन नीति 2018 में शामिल किया गया है जिसके अंतर्गत दिव्यांग व्यक्तियों को पंजाब राज्य में पर्यटन स्थानों का दौरा करने के लिए सुविधाएं और सहायता प्रदान करना, अपाहिज व्यक्तियों के लिए कला को पहुंच योग्य बनाना और मनोरंजन केन्द्रों और अन्य संबंधित गतिविधियों को उत्साहित करना है।