पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने कहा है कि सूबे में आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए राज्य पुलिस के एक स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) का गठन किया जाएगा, जिसे विश्व की सबसे बेहतर फोर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
साथ ही राज्य पुलिस गर्मख्यालियों व गैंगस्टरों की सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता पर शिकंजा कसने और आम लोगों से जुड़ने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भी अपना खाता खोलेगी। डीजीपी ने दावा किया कि बीते साल के दौरान पंजाब पुलिस ने आतंकवादियों को आठ मोड्यूल ध्वस्त करने में सफलता हासिल की। इसके तहत 47 लोगों को गिरफ्तार कर 43 हथियार बरामद किए गए।
वीरवार शाम पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने वर्ष 2017 की राज्य पुलिस की उपलब्धियों और नए साल 2018 के लक्ष्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सेंट्रल डिजास्टर नंबर 112 के तर्ज पर नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (एनईआरएस) प्रोजेक्ट को पंजाब में लागू किया जा रहा है। इसके तहत फोन काल्स को सेंट्रलाइज करने के उद्देश्य से आगामी अप्रैल माह में मोहाली में एक पब्लिक सेफ्टी आनसरिंग प्वाइंट स्थापित किया जाएगा।
इसके अधीन 60 काल वर्क स्टेशन, 12 पुलिस कंट्रोल रूम और तुरंत कार्रवाई के लिए 900 इमरजेंसी वाहन होंगे। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों और गर्मख्यालियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पंजाब पुलिस इस साल खुद को सोशल मीडिया से जोड़ेगी और पुलिस द्वारा अपना फेसबुक पेज, ट्वीटर व यू-ट्यूब खाता होगा। इससे आम लोगों से भी सीधे तौर पर जुड़ा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आम लोगों की शिकायतें मिलने पर उनका निवारण भी तुरंत होगा। सोशल मीडिया पर पुलिस के यह खाते इसी महीने खुल जाएंगे।