पंजाब में पहली बार प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा। पंजाब सरकार विदेश में रहने वाले लोगों के मामले के निस्तारण के लिए सूबे के चार प्रमुख जिलों में विशेष अदालतें खोलने जा रही है। साथ ही हर जिले में नोडल अधिकारी भी तैनात करेगी। जिले के डीसी को नोडल अधिकारी हर रोज अपने कार्यों की रिपोर्ट देंगे।
राज्य में एनआरआई की संपत्ति के लगभग 10 हजार मामले लंबित पड़े हैं। इसके अलावा भी कई अन्य परेशानियों से विदेश में रहने वाले स्थानीय लोग जूझ रहे हैं। आए दिन वे अपनी संपत्तियों को लेकर सरकार और एनआरआई मामलों के विभाग में अपनी शिकायतें दर्ज कराते रहते हैं। इसे देखते हुए अब पंजाब सरकार ने इनकी सुध ली है।
सरकार विदेश में बसने वाले पंजाबियों से संबंधित मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और बठिंडा में विशेष अदालतें स्थापित करने जा रही है। इस संबंध में सरकार ने अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके साथ ही हर जिले में नोडल अफसर की तैनाती करने की कार्ययोजना पर सरकार काम कर रही है।
राज्य सरकार विदेश में बसने वाले पंजाबियों की केंद्र सरकार और दूतावास से संबंधित मुश्किलों के समाधान के लिए भी कार्ययोजना बना रही है। इसके लिए केंद्र से तालमेल बनाने के लिए एक समिति का भी गठन सरकार करेगी। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाने वाले एनआरआई का पंजाब सरकार सम्मान भी करेगी।
एनआरआई का डाटा बनाएगी सरकार
विदेश में बसने वाले सभी पंजाबियों का हरेक गांव से क्रमवार विवरण एकत्र करने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के साथ तालमेल किया जाएगा। सरकार ने एनआरआई से अपील की है कि वे अपने-अपने पैतृक गांवों में सामाजिक एवं सतत विकास के लिए आगे आएं, जिससे राज्य में आवश्यक सुधारों को अमली जामा पहनाया जा सके।
आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार विदेश में बसने वाले पंजाबियों के मसलों के समाधान के लिए पूरी संजीदगी के साथ काम कर रही है। विभाग के विशेष मुख्य सचिव को एनआरआई संबंधी सभी विवादित मामलों को निपटाने संबंधी आवश्यक हिदायतें जारी की जा चुकी हैं। - कुलदीप सिंह धालीवाल, एनआरआई मामलों के मंत्री, पंजाब