पूर्व कांग्रेस सरकार के समय 69 सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की घोषणा गडकरी ने की थी। लेकिन, पूर्व सरकार अपने कार्यकाल में इनकी डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को नहीं भेज पाई। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन सड़क मार्गों की डीपीआर पर काम तेज किया। अधिकांश सड़कों की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी थी, उनमें से पहले चरण में लगभग 25 एनएच प्रदेश को मिलने वाले हैं। मंजूरी के बाद बजट आवंटित होने पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
नशे के खिलाफ जनांदोलन जरूरी
उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता हिमाचल न बने, इसके लिए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ जनांदोलन जरूरी है। आम जनता को ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लेना चाहिए। कानून कितना भी कड़ा बना लें, जब तक जनता इस बुराई के विरुद्ध आगे नहीं आएगी, नशे के कारोबार को नहीं उखाड़ सकते। नशे के कारोबार में लगे प्रदेश व अन्य राज्यों के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से बचाना सबका दायित्व है।
हिमाचल की इन्वेस्टर मीट से पंजाब प्रभावित
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष हताश व निराश है। उसके पास कोई मुद्दा नहीं। वह एक बेवजह का मुद्दा पकड़ते हैं, उसमें हाथ कुछ नहीं लगता, फिर उसे छोड़कर दूसरा पकड़ लेते हैं। हिमाचल के धर्मशाला में कराई गई इन्वेस्टर मीट से पंजाब सरकार भी प्रभावित हुई है। सरकार ने अधिकरियों को हिमाचल का अनुसरण करने को कहा है। उनके अधिकारियों ने सफल आयोजन के बारे में जानकारी भी हासिल की है। जयराम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार से प्रदेश को साढ़े दस हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मिले हैं, जिन पर जल्दी काम शुरू होगा।