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अब बस एक कॉल और समाधान होगा हाथ में

Wed, 29 Jan 2014 10:36 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब में अब लोगों की जमीन-जायदाद के दस्तावेजों से जुड़ी समस्याएं सिर्फ एक फोन कॉल से हल हो सकेंगी। जमीन के बारे में कोई जानकारी चाहिए या कोई मामला लंबित है या रेवेन्यू विभाग का कोई अधिकारी या मुलाजिम भ्रष्टाचार कर रहा है, तो बस एक फोन करना काफी रहेगा।
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पंजाब लैंड रिकार्ड सोसाइटी राज्य में पहली बार टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू कर रही है। कॉल सेंटर का काम निजी कंपनी को दिया जाएगा, इसके मार्च के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।

सरकार को फीड बैक मिला था कि पंजाब के लोग रेवेन्यू विभाग की सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं। सबसे ज्यादा समस्याएं इसी विभाग में आती हैं। अधिकारी भी लोगों की नहीं सुनते।
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गांवों के लोगों को तो विभाग में कामकाज की प्रक्रिया तक पता नहीं है। इसके अलावा विभाग में निचले स्तर पर होने वाली खामियां उच्च अधिकारियों की जानकारी में नहीं आ पातीं।

इन्हें देखते हुए पंजाब लैंड रिकार्ड सोसाइटी ने टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए जालंधर में कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। कॉल सेंटर पर फोन करके हर तरह की जानकारी मिल सकेगी और शिकायतें भी दर्ज करा सकेंगे।

एनआरआई को सबसे बड़ी राहत
सरकार के इस कदम का विदेशों में बसे पंजाबियों को भी लाभ होगा। एनआरआईज पंजाब में जमीन-जायदाद को लेकर काफी समय से खुद को असुरक्षित बताते रहे हैं।

उनकी प्रॉपर्टीज पावर ऑफ अटार्नी होल्डरों द्वारा रेवेन्यू व पुलिस विभाग के मुलाजिमों की मदद से बेचे जाने के मामले अक्सर सामने भी आते रहते हैं। हेल्पलाइन पर कोई भी जायदादों पर अवैध कब्जे की शिकायत कर सकेगा।

पावर ऑफ अटार्नी बनवाने से लेकर मालिकाना हक ट्रांसफर कराना भी संभव होगा। साथ ही फर्द केंद्रों में मिलने वाले सारे कागजात मिलेंगे।

लोग रेवेन्यू विभाग में भ्रष्टाचार से लेकर कानूनगो और पटवारी की गैर मौजूदगी की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। किस काम के लिए क्या प्रक्रिया है, किस दफ्तर में जाना है, यह भी जान सकेंगे।

ऐसे काम करेगी हेल्पलाइन
जालंधर में स्थापित होने वाले कॉल सेंटर में दस डेस्क होंगी। इनमें नौ हेल्प डेस्क पंजाब के लोगों को सुबह सात से शाम सात बजे तक सुविधा देंगे जबकि, एक एनआरआई डेस्क 24 घंटे काम करेगी।

कॉल सेंटर पर हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, तीनों भाषाओं में जानकारी दी जाएगी। कॉल आते ही हेल्प डेस्क कॉलर को हर जानकारी मुहैया कराएगी। अगर कॉलर संतुष्ट नहीं होता, तो विभाग के अधिकारी से बात कराई जाएगी।

शिकायत मिलते ही सिस्टम एक टिकट नंबर जारी करेगा। निपटारा होने पर शिकायतकर्ता को मैसेज या ई-मेल द्वारा जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित एसडीएम को शिकायत भेजी जाएगी, जो कार्रवाई करने के बाद ऑनलाइन एंट्री करेंगे।

विभाग को उम्मीद है कि पहले क्वार्टर में औसतन सात सौ कॉल प्रतिदिन आने की उम्मीद है। अगर लगातार दो क्वार्टर में औसत कम रहता है तो विभाग कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द भी कर सकता है।

पंजाब लैंड रिकार्ड सोसाइटी टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है। कोशिश यही है कि तीन डिजिट का टोल फ्री नंबर मिल जाए, ताकि लोगों को आसानी से याद रहे। कॉल सेंटर की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी जाएगी। जिसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द से जल्द हेल्पलाइन शुरू कर दी जाएगी।
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-- धरम दत्त तरनैच, मेंबर सेक्रेटरी-कम-डायरेक्टर, लैंड रिकॉर्ड सोसाइटी
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