मनीमाजरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज सरना की टीम ने वर्ष 2014 के बाद उक्त नंबर की बाइक के चालान खंगाले। 10 दिसंबर 2016 को बाइक (पीबी-12क्यू2660) का सेक्टर-34 एरिया में चालान किया गया था। इसमें बाइक को एक महीने के लिए जब्त किया गया था। बाइक कुलबीर सिंह के नाम पर पंजीकृत थी। कुलबीर ने बाइक मोहाली निवासी गगनप्रीत सिंह को बेच दी।
गगनप्रीत से इस बाइक को उसका पड़ोसी गुरविंदर व गुरमीत मांगकर ले गए थे। दोनों आरोपियों का नाम सामने आने के बाद पुलिस इनकी सुरागकशी में जुट गई। बुधवार को पुलिस ने गुप्त सूचना पर आई-20 कार में सवार गुरविंदर सिंह को सेक्टर-31 पोल्ट्री फार्म चौक के पास से धर दबोचा।
लकी के कहने पर 8 अक्तूबर को सौंपी थी बाइक
गुरविंदर ने खुलासा किया कि विदेश में बैठे गौरव पटियाल उर्फ लक्की की व्हाट्सएप कॉल आई थी। उसने नीरज व मनी को फर्जी नंबर की बाइक देने को कहा था। इसके बाद गगनप्रीत से बाइक ली और रिपेयर कराने के बाद 8 अक्तूबर को खरड़ स्थित सनी एनक्लेव के बाहर दोनों शूटरों को सौंप दी। बाद में हत्याकांड को अंजाम देकर शूटर फरार हो गए।
नशे के आदी हैं आरोपी
प्राथमिक जांच में सामने आया कि गुरविंदर व गुरमीत दोनों नशे के आदी हैं। तस्करी भी करते हैं। हत्या के प्रयास में जेल भी जा चुके हैं। आठ महीने जेल में सजा के दौरान दोनों का आपस में संपर्क हुआ था। हाल ही में गुरविंदर सिंह को खरड़ पुलिस ने 12 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जमानत पर चल रहा था।