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हरियाणा में SOP जारी: अब IAS-IPS को रिश्वत लेते पकड़ने से पहले नहीं लेनी पड़ेगी सरकार से अनुमति

Wed, 27 Jul 2022 01:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भ्रष्ट अफसरों को जाल बिछाकर पकड़ने के मामले में भी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विजिलेंस या पुलिस अधिकारियों को पूर्व की तरह नियमानुसार स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में जोड़ी गई नई धारा-17ए के तहत आईएएस, आईपीएस, एचसीएस, एचपीएस अफसरों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए सरकार की पूर्व अनुमति नहीं लेनी होगी। 

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भ्रष्ट अफसरों को जाल बिछाकर पकड़ने के मामले में भी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विजिलेंस या पुलिस अधिकारियों को पूर्व की तरह नियमानुसार स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए जांच एजेंसी को सरकार से लिखित अनुमति मांगनी होगी, जो 15 दिन में दे दी जाएगी।

पहले की तरह तीन महीने तक इंतजार नहीं करना होगा। मुख्य सचिव ने मंगलवार देर शाम सभी प्रशासनिक सचिवों, मण्डलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों व डीसी को आदेश का पालन करने के लिए पत्र जारी कर दिया।

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