सार्वजनिक परिवहन के तहत आने वाले वाहनों में अश्लील, शराब व हथियार वाले गाने बजाने पर रोक संबंधी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने सीटीयू की बसों में गाने बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा परिवहन विभाग ने नोटिस जारी कर सभी को हिदायत दी है कि बसों में किसी तरह का स्टीरियो व संगीत उपकरण नहीं लगाया जाएगा। अगर जांच के दौरान इसे पाया जाता है तो संबंधित चालक और परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
पीजीजीसी-46 के असिस्टेंट प्रोफेसर और पंजाबी भाषा के लिए कार्य कर रहे डॉ. पंडित राव धनेरवर की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए परिवहन विभाग के निदेशक ने खुद बसों में जाकर जांच की थी। इस दौरान बस चालक व कंडक्टरों ने कहा था कि उनकी तरफ से कोई गाने नहीं चलाए जाते और अगर कोई यात्री गाना चलाता है तो उसे बंद कराया जाता है।
विभाग की तरफ से एक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी चालक और परिचालक बस में किसी भी तरह का म्यूजिक सिस्टम नहीं लगाएगा, न ही बजाएगा। अगर म्यूजिक सिस्टम लगाया हुआ पाया गया तो उसके साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। याचिकाकर्ता ने चंडीगढ़ प्रशासन के गृहसचिव एवं परिवहन विभाग के सचिव का धन्यवाद किया है और कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश को सभी को पालन करने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पंडित राव धनेरवर की जनहित याचिका पर 22 जुलाई 2019 को एतिहासिक फैसला सुनाते हुए आदेश दिया था कि शराब, ड्रग्स और हथियारों को उत्साहित करने वाले गाने हमारे बच्चों पर बुरा असर कर रहे हैं, इसलिए ऐसे गाने कहीं पर भी नहीं बजने चाहिए। इस एतिहासिक फैसले को पंजाब परिवहन विभाग और हरियाणा परिवहन विभाग भी लागू करके अपनी बसों में अश्लील, शराबी एवं हथियार वाले गाने न चलाने का निर्देश जारी कर चुके हैं।