नारायण प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को सुबह चुन्नी लाल को जीएमसीएच-32 में दिखाया गया था। कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद चुन्नी लाल को देर शाम सूद धर्मशाला में भर्ती कर दिया गया। मरीज की रात में ही तबीयत बिगड़ गई, लेकिन बुधवार शाम तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, बुधवार शाम जब तबीयत ज्यादा खराब हुई तो फिर जीएमसीएच-32 भेजा गया। इलाज में स्वास्थ्य विभाग शुरू से ही लापरवाही बरत रहा है।
कुछ दिन पहले भी एक महिला मरीज ने कहा था, मर जाऊंगी यहां
मौलीजागरां निवासी 55 वर्षीय सरोज रानी ने कुछ दिन पहले अपने बेटे को फोन कर कहा था कि बेटा यहां से ले जाओ.. नहीं तो मर जाऊंगी। सरोज रानी सेक्टर-48 के हॉस्पिटल में भर्ती थीं। उनके बेटे सुमित ने अस्पताल प्रबंधन पर ठीक से देखभाल न करने का आरोप लगाया था। कहा कि मां बेड से गिर गई, लेकिन कोई देखने वाला तक नहीं था। दुखद है कि मरीजों में बढ़ते तनाव के बावजूद प्रबंधन कोई देखभाल नहीं कर रहा है।