चंडीगढ़। शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न जगहों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की तरफ से आईएसबीटी-43 की पार्किंग की छत पर भी सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे।
प्लांट की कुल क्षमता 500 केडब्ल्यूपी के करीब होगी और प्रोजेक्ट को 2.62 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। काम आवंटित होने के बाद एजेंसी को चार माह के अंदर इसे पूरा करना होगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्लांट लगाने का काम जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि यहां दो प्लांट लगाए जाएंगे। एक की क्षमता 200 केडब्ल्यूपी जबकि दूसरे प्लांट की क्षमता 300 केडब्ल्यूपी की होगी। आईएसबीटी-43 व 17 की छत पर पहले से ही सोलर प्लांट लगे हुए हैं, जिन्हें वर्ष 2016 में लगाया गया था। आईएसबीटी-17 में लगे प्लांट की क्षमता 300 केडब्ल्यूपी है जबकि आईएसबीटी-43 के प्लांट की क्षमता 200 केडब्ल्यूपी है। प्रशासन की तरफ से गार्डन ऑफ कोनिफर्स सेक्टर-52 के नजदीक एन-चो में भी दो मेगावाट का कैनाल टॉप एसपीवी पावर प्लांट लगाया जाना है, जिसके लिए कंपनी तय की जा रही है। यहां पर 11.5 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पावर प्लांट लगाने का काम पूरा करना है।
15 अगस्त तक 75 एमडब्ल्यू बिजली उत्पादन का लक्ष्य
क्रेस्ट ने सौर ऊर्जा से 15 अगस्त 2023 तक 75 एमडब्ल्यू बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। क्रेस्ट के सीईओ देबेंद्र दलाई के अनुसार, शहर के 4200 साइटों पर 50.58 मेगावाट के ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर प्लांट की कुल क्षमता पहले ही चंडीगढ़ में स्थापित की जा चुकी है। बता दें कि यूटी प्रशासन ने 500 वर्ग गज या इससे अधिक एरिया के सभी घर और इमारतों पर सोलर प्रोजेक्ट लगाना अनिवार्य किया हुआ है।