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किराए के मकान में नहीं, अब पास के सरकारी स्कूल में चलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

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चंडीगढ़। शहर में 450 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें कई सरकारी भवन तो कई निजी जगह पर चल रहे हैं। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि निजी जगह पर चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र काफी छोटे हैं और सुविधाओं का भी टोटा रहता है इसलिए समाज कल्याण विभाग ने फैसला किया है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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केंद्र सरकार की तरफ से भी निर्देश है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के सरकारी स्कूल से ही चलाया जाए। समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में कई आंगनबाड़ी केंद्र निजी जगहों पर किराए पर चल रहे हैं। केंद्र सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किराया देती है लेकिन चंडीगढ़ में किराया काफी महंगा है इसलिए जो बजट केंद्र से आता है उसमें छोटी जगह ही मिल पाती है। रामदरबार, विकास नगर, हल्लोमाजरा समेत विभिन्न कॉलोनियों में छोटे कमरों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं इसलिए अब इन्हें पास के सरकारी स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग से इजाजत मांगी गई है।
दूसरी तरफ, जो केंद्र सरकारी इमारतों में चल रहे हैं उनकी हालत भी खस्ता है। इसको लेकर भी सवाल उठ रहे थे लेकिन अब इन्हें ठीक कराने का काम शुरू हो गया है। प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि केंद्रों की जांच की जा चुकी है। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की मरम्मत करा दी गई है। बाकी के काम भी किए जा रहे हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में बदलने का सुझाव
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में तब्दील करने का सुझाव दिया है ताकि छोटे बच्चे जिनकी उम्र 3 से 6 साल है, उनको प्रथम कक्षा में दाखिले से पहले प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान दिया जा सके और उनके बौद्धिक विकास को भी बढ़ावा दिया जा सके।
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