सरहद पर हथियारों खेप पकड़े जाने के बाद शुरू हुई पुलिस की जांच से डरे ममदोट क्षेत्र के तस्कर भूमिगत हो गए हैं। रविवार को पुलिस ने पाकिस्तान से हथियारों की आई खेप पकड़े जाने संबंधी बीओपी न्यू गजनी वाला के आसपास सीमांत गांवों के ग्रामीणों से गहन पूछताछ की है।
आशंका जताई जा रही है कि पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा के रास्ते पाक से आई हथियारों की खेप जम्मू-कश्मीर के आतंकियों तक पहुंचाई जा रही है। जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए कई आतंकियों ने पंजाब से हथियार लाने की बात स्वीकार की है। ममदोट, फिरोजपुर व तरनतारन के सीमांत क्षेत्रों से हथियार जम्मू-कश्मीर आतंकियों तक पहुंचने के इनपुट मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक नवंबर 2018 को जम्मू रेलवे स्टेशन स्टैंड से वाहन छीनकर चार-पांच आतंकी पंजाब में प्रवेश होकर फिरोजपुर के ममदोट क्षेत्र में आकर छिपे थे, ममदोट क्षेत्र पुलिस छावनी में तबदील हो चुका था। उस समय भी आतंकियों का सुराग नहीं लगा था। अब हथियारों की खेप (एके-47 राइफल तीन, दो एम-16 राइफल दो, 9 एमएम दो पिस्तौल, चौदह मैगजीन व 168 कारतूस) मिली है।
इससे साबित होता है कि ममदोट के तस्करों के संबंध जम्मू-कश्मीर के आतंकियों से हैं, जो पाक से हथियारों की खेप मंगवाकर आतंकियों तक पहुंचाते हैं। जानकारों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां जेल में बैठे कुख्यात तस्करों से भी पूछताछ करने में लगी है, क्योंकि तस्कर जेल में बैठे ही मोबाइल फोन पर संपर्क साध कर पाक तस्करों से हेरोइन व हथियारों की खेप मंगवाते हैं, ऐसे कई केस काउंटर इंटेलीजेंस पकड़ चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब से जम्मू-कश्मीर जाते समय सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार पकड़े हैं, कई आतंकी भी हथियारों समेत पकड़े जा चुके हैं, वह भी पंजाब से हथियार लाने की बात स्वीकार कर चुके हैं। पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा के रास्ते पाकिस्तान से हथियार आना आसान है।
क्योंकि, भारतीय तस्करों की पाक तस्करों से अच्छी दोस्ती है और वाट्सएप के जरिये संपर्क में रहते हैं। उधर, थाना लक्खोके बहराम के प्रभारी बीरबल सिंह ने बताया कि सीमांत गांवों के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है ताकि पता चल सके कि किस व्यक्ति ने पाकिस्तानी तस्करों से हथियारों की खेप मंगवाई है। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।