चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बसों के लिए पास की जगह स्मार्ट कार्ड की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस कार्ड को सुविधा के अनुरूप रिचार्ज करवा कर शहरवासी अपनी मंजिल के लिए टिकट ले सकेंगे। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने बुधवार को स्मार्ट कार्ड और आईएसबीटी-43 में बने कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया।
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के तहत स्पिक के साथ मिलकर यह सुविधा शुरू की गई है। मेट्रो या फूड कोर्ट में खरीदारी के लिए जिस तरह से स्मार्ट कार्ड बनते हैं, वैसे ही सीटीयू बसों के लिए यात्रियों का कार्ड बनेगा। इसके लिए विभाग ने दर तय कर दी है। इस सुविधा के साथ बसों में कार्ड से ही भुगतान किया जाएगा। व्यक्तिगत कार्ड के लिए पहले की तरह ही 30 रुपये तय किए गए हैं। इस कार्ड पर आपका नाम, फोटो, घर का पता आदि होगा, जबकि गेस्ट स्मार्ट कार्ड के लिए भी अब लोगों को 20 रुपये चुकाने होंगे। पहले इस वर्ग के पास के लिए कोई शुल्क नहीं था। इस कार्ड को कोई भी बनवा सकता है, लेकिन इसमें संबंधित व्यक्ति की कोई जानकारी नहीं होगी। इन कार्ड को रिचार्ज कराने के लिए 10 रुपये अलग से देने होंगे। वहीं, ऑनलाइन पोर्टल से रिचार्ज निशुल्क किया जा सकेगा। अगर गेस्ट स्मार्ट कार्ड गुम हो जाता है तो नए कार्ड के लिए तय चार्ज संबंधित व्यक्ति को भरने होंगे और उसका बकाया नए कार्ड में ट्रांसफर हो जाएगा। कार्ड में कम से कम 100 रुपये और अधिकतम 4900 रुपये का रिचार्ज किया जा सकेगा। कार्ड में सिक्योरिटी फीस के तौर पर कम से कम 100 रुपये रखने होंगे।
बसों को ट्रैक करने के लिए मोबाइल एप के बाद अब वेबसाइट लांच
ट्राइसिटी में अलग अलग रूट पर सीटीयू की 358 बसें चल रही हैं। ये सभी मोबाइल एप trycityBus मोबाइल एप से ट्रैक की जा सकती हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने अब एक वेबसाइट https://ctuportal.amnex.com भी लांच कर दी है, ताकि बसों को ट्रैक किया जा सके। इसके माध्यम से यात्री नजदीकी बस स्टॉप, बस मार्ग और समय सारिणी, शिकायत निवारण प्रबंधन प्रणाली और रूट की योजना भी बना सकेंगे। पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए आईएसबीटी-43 में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद शहर के सार्वजनिक परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।