अंबाला की तरफ रवाना होते किसान
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संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की है। साथ ही किसानों के दिल्ली चलो मार्च पर कार्रवाई की निंदा की है। सरकार पर किसान संगठनों के बीच विभाजन को प्रोजेक्ट करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है।
मोर्चा ने सभी समान विचारधारा वाले किसान संगठनों से एकजुट होने और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए 16 फरवरी के ग्रामीण भारत बंद में भाग लेने का आग्रह किया।
एसकेएम ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकार ने किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर दमनकारी उपायों का सहारा लिया है और लाठीचार्ज, रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले छोड़े हैं, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं और आतंक का माहौल पैदा हो गया है।
उन्होंने खेती, घरेलू उपयोग और दुकानों के लिए मुफ्त 300 यूनिट बिजली, व्यापक फसल बीमा और पेंशन में 10,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की भी मांग की। एसकेएम ने कहा कि केंद्र के मंत्री हमारे साथ बात करने में झिझक रहे हैं।