स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि घरेलू उड़ानों से शहर में 200 लोग पहुंचे हैं, जिन्हें सेल्फ-मॉनीटरिंग के लिए कहा गया है। वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर में अब तक विभिन्न श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और बसों के माध्यम से करीब 50,000 प्रवासी व अन्य लोगों को उनके घरों तक भेजा जा चुका है।
कंटेनमेंट जोन में बिजली और पानी बिल माफ करने पर चल रहा विचार: परिदा
प्रशासक के साथ हुई बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शहर में कंटेनमेंट जोन इलाकों के घरों की बिजली व पानी के बिल को माफ करने पर चंडीगढ़ प्रशासन विचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में रहने वाले लोग पिछले कई दिनों से घरों में कैद रहे हैं। ऐसे में इन्हें राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन इस पर विचार कर रहा है। जल्द ही इस बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते दिनों सभी उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में लगने वाले फिक्स चार्जेस के 25 प्रतिशत हिस्से को माफ कर दिया गया है। यह छूट 15 जून से पहले ढाई महीने के बिजली के बिलों में दी जाएगी, जिससे लोगों को मामूली राहत जरूर मिली है।
सेक्टर-26 स्थित बापूधाम से एक और अच्छी खबर आई है। यूटी प्रशासन ने सोमवार को बापूधाम कॉलोनी के छह और हिस्सों को खोल दिया है। इससे यहां रहने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। बापूधाम के इन हिस्सों में कोरोना का कोई केस नहीं होने की वजह से प्रशासन ने यहां पर जारी सख्ती और कंटेनमेंट जोन को खत्म कर दिया है। अब तक बापूधाम के कुल 20 पॉकेट्स में से 12 पॉकेट्स को खोला जा चुका है।
स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की स्टेट एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरपर्सन मनोज परिदा की ओर से यह आदेश जारी किये गए। प्रशासन की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार, धनास की कच्ची कालोनी और बापूधाम के पॉकेट नंबर-1, 6, 8, 10, 11, 12 को आजाद कर दिया गया है। इन एरिया में रहने वाले लोग अब अपना व्यवसाय व नौकरी ज्वाइन कर सकते हैं।
अब बापूधाम के सिर्फ 8 पॉकेट्स में ही कंटेनमेंट जोन रह गया है। प्रशासन ने दो मई को शहर के छह इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया था। चार मई के आदेश में बापूधाम के कई इलाकों को बफर जोन में डाला गया था। इसके बाद यहां पर सख्ती बढ़ा दी गई थी। नगर निगम के कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एसएसपी, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों को मिलाकर कमेटी बनाई गई थी।
यहां की सामान्य स्थिति को देखने के बाद छह पॉकेट्स को बफर जोन से बाहर कर दिया गया है और यहां से प्रशासन की सख्ती को हटा दिया गया है। हालांकि इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की शर्तों को पूरा करना होगा। परिदा की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि मेडिकल टीमों की स्क्रीनिंग व मॉनिटरिंग इलाके में लगातार जारी रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।