फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: हरियाणा में एग्रो इंडस्ट्री के लिए बिजली सस्ती, घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं बढ़ेगा भार

Tue, 09 Jun 2020 01:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • एग्रो इंडस्ट्री के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट बिजली सस्ती मिलेगी
  • घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली का टैरिफ पुराना ही रहेगा
  • प्रीपेड व स्मार्ट मीटर के काम में तेजी लाने के निर्देश
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में अब एग्रो इंडस्ट्री को सस्ती बिजली दी जाएगी। इंडस्ट्री के प्रति यूनिट बिजली रेट में 2.70 रुपये प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसके अलावा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर भी कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उनके लिए बिजली के रेट पुराने ही रहेंगे। बिजली दरों का नया टैरिफ एक जून से लागू माना जाएगा।

विज्ञापन


यह फैसला हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के चेयरमैन डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) की बैठक में लिया गया। चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी, सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान और सदस्य नरेश सरदाना ने डिस्कॉम के 2020-21 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) आर्डर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

एआरआर के इस आर्डर में एग्रो-इंडस्ट्रीज को एक बड़ी राहत प्रदान करते हुए एचईआरसी ने एग्रो इंडस्ट्रीज की नई 20 किलोवाट तक की लोड टैरिफ श्रेणी/एफपीओ बनाई है। ऐसी इकाइयों से 4.75 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर ली जाएगी। पहले उन पर 7.05 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ लगाया जा रहा था। 
विज्ञापन


इन बिजली उपभोक्ताओं को 42.5 करोड़ रुपये का कुल लाभ होने का अनुमान है। एग्रो इंडस्ट्रीज की श्रेणी में पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग और राइपनिंग चैंबर, मधुमक्खी पालन, शहद प्रसंस्करण, मशरूम की खेती, टिशू कल्चर, झिंगा और मछली पालन, पोल्ट्री फार्म, सुअर फार्म, मिल्क चिलिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज के बिजली उपभोक्ता शामिल हैं। इस श्रेणी से जुड़े उद्यमियों की लंबे समय से यह मांग चली आ रही थी। इससे  ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण को काफी बढ़ावा मिलेगा।

प्रीपेड मीटर व्यवस्था शुरू करने को हरी झंडी

एचईआरसी ने प्री-पेड मीटर व्यवस्था शुरू करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसने प्री-पेड सुविधा का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टैरिफ पर 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। एआरआर आर्डर में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए रियायती शुल्क दिया गया है।

प्रति माह 150 यूनिट तक की खपत वाले घरेलू उपभोक्ता रियायती शुल्क का फायदा लेते रहेंगे। 0-50 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट, 51-100 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट तथा 0-150 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट तक के हिसाब से बिजली की दर वसूली जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को 465 करोड़ रुपये का लाभ मिल सकेगा। 

आर्डर में घरेलू आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 800 यूनिट तक खपत के लिए वितरण और खुदरा आपूर्ति शुल्क में 42 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसलिए, ऐसे उपभोक्ताओं के लिए बिजली का बिल लगभग 10 प्रतिशत कम हो जाएगा। बताते चले कि प्रदेश में 67 लाख 98 हजार 55 बिजली उपभोक्ता हैं।

मौजूदा वित्त वर्ष में 27,835 करोड़ का एआरआर
उधर, एचटी, एलटी इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स, कमर्शियल कंज्यूमर्स, रेलवे, डीएमआरसी के सामने आने वाली कठिनाई को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना से बचने के लिए हरियाणा पावर यूटिलिटीज यानी एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल को 850 करोड़ की अनुमानित रिटर्न ऑन इक्विटी की अनुमति नहीं दी है। 
विज्ञापन

एचईआरसी ने 2020-21 के लिए 27,835 करोड़ रुपये का एआरआर दिया है। यह आंकड़ा 2019-20 में 28805 करोड़ रुपये था। एचईआरसी ने बिजली वितरण कंपनियों के लिए 2020-21 के लिए 2180 करोड़ रुपये की एक पूंजीगत व्यय योजना को मंजूरी दी है। आर्डर में 2020-21 के दौरान  9217 मिलियन यूनिट्स एपी बिक्री का अनुमान है जिसके लिए बिजली विभाग 2020-21 के दौरान 6650 करोड़ की आरई सब्सिडी प्रदान करेगा, 2020-21 के लिए एचईआरसी का टैरिफ आदेश 01 जून से लागू होगा।

6 महीने में 10 लाख स्मार्ट मीटर, टारगेट पूरा करें
एचईआरसी ने डिस्कॉम को निर्देश दिए हैं कि 6 महीने में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा किया जाए। स्मार्ट मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं को छह महीने के भीतर प्री-पेड कनेक्शन की सुविधा प्रदान की जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि हरियाणा में कम से कम एक शहर (पंचकूला या एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल) ऐसा होना चाहिए जो रूफ टॉप सोलर जेनरेशन का उपयोग करके पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित हो।

5000 से अधिक राशि नगद नहीं ली जाएगी
टैरिफ आर्डर में यह प्रावधान किया गया है कि 5000 रुपए से अधिक की राशि नकद में स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, 20,000 रुपए तक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा सकता है। चेक के माध्यम से भुगतान की इस सुविधा को उपभोक्ताओं के विभिन्न वर्गों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त मांग को ध्यान में रखते हुए अनुमति प्रदान की गई है, क्योंकि कई मामलों में ऐसे उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान नही कर पाते हैं। हालांकि, डिजिटल भुगतान की सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए भी उपलब्ध है जो इसका लाभ उठाना चाहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें