एचईआरसी ने प्री-पेड मीटर व्यवस्था शुरू करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसने प्री-पेड सुविधा का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टैरिफ पर 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। एआरआर आर्डर में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए रियायती शुल्क दिया गया है।
प्रति माह 150 यूनिट तक की खपत वाले घरेलू उपभोक्ता रियायती शुल्क का फायदा लेते रहेंगे। 0-50 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट, 51-100 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट तथा 0-150 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट तक के हिसाब से बिजली की दर वसूली जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को 465 करोड़ रुपये का लाभ मिल सकेगा।
आर्डर में घरेलू आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 800 यूनिट तक खपत के लिए वितरण और खुदरा आपूर्ति शुल्क में 42 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसलिए, ऐसे उपभोक्ताओं के लिए बिजली का बिल लगभग 10 प्रतिशत कम हो जाएगा। बताते चले कि प्रदेश में 67 लाख 98 हजार 55 बिजली उपभोक्ता हैं।
मौजूदा वित्त वर्ष में 27,835 करोड़ का एआरआर
उधर, एचटी, एलटी इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स, कमर्शियल कंज्यूमर्स, रेलवे, डीएमआरसी के सामने आने वाली कठिनाई को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना से बचने के लिए हरियाणा पावर यूटिलिटीज यानी एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल को 850 करोड़ की अनुमानित रिटर्न ऑन इक्विटी की अनुमति नहीं दी है।
एचईआरसी ने 2020-21 के लिए 27,835 करोड़ रुपये का एआरआर दिया है। यह आंकड़ा 2019-20 में 28805 करोड़ रुपये था। एचईआरसी ने बिजली वितरण कंपनियों के लिए 2020-21 के लिए 2180 करोड़ रुपये की एक पूंजीगत व्यय योजना को मंजूरी दी है। आर्डर में 2020-21 के दौरान 9217 मिलियन यूनिट्स एपी बिक्री का अनुमान है जिसके लिए बिजली विभाग 2020-21 के दौरान 6650 करोड़ की आरई सब्सिडी प्रदान करेगा, 2020-21 के लिए एचईआरसी का टैरिफ आदेश 01 जून से लागू होगा।
6 महीने में 10 लाख स्मार्ट मीटर, टारगेट पूरा करें
एचईआरसी ने डिस्कॉम को निर्देश दिए हैं कि 6 महीने में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा किया जाए। स्मार्ट मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं को छह महीने के भीतर प्री-पेड कनेक्शन की सुविधा प्रदान की जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि हरियाणा में कम से कम एक शहर (पंचकूला या एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल) ऐसा होना चाहिए जो रूफ टॉप सोलर जेनरेशन का उपयोग करके पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित हो।
5000 से अधिक राशि नगद नहीं ली जाएगी
टैरिफ आर्डर में यह प्रावधान किया गया है कि 5000 रुपए से अधिक की राशि नकद में स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, 20,000 रुपए तक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा सकता है। चेक के माध्यम से भुगतान की इस सुविधा को उपभोक्ताओं के विभिन्न वर्गों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त मांग को ध्यान में रखते हुए अनुमति प्रदान की गई है, क्योंकि कई मामलों में ऐसे उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान नही कर पाते हैं। हालांकि, डिजिटल भुगतान की सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए भी उपलब्ध है जो इसका लाभ उठाना चाहते हैं।