गोताखोर और ड्रोन के जरिए की जा रही तलाश।
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बच्चों की चीखें सुनकर कुछ दूरी पर खेतों में काम कर रहे किसान और पशुपालकों ने नदी में छलांग लगा दी लेकिन तब तक सभी गहरे कुंड में समा गए थे। गांव जलमाना, अधमी और मिर्जापुर के किसानों और गोताखोरों ने तलाश शुरू की। बापौली थाना पुलिस और नायब तहसीलदार नरेश कौशल राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
कुछ प्राइवेट गोताखोरों को बुलाकर तलाशी अभियान शुरू कराया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे डूबने की जगह से दो किलोमीटर दूर सोनिया, सरिता और बादल निवासी चंदौली के शव मिल गए। तीन बच्चों की तलाश में गोताखोरों की टीम जुटी है। सुशील के परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को परिजनों की सुपुर्द कर दिया।
रोते-बिलखते परिजन और शवगृह के बाहर जुटे लोग।
घटनास्थल पर पहुंचे उपायुक्त
घटनास्थल पर डीसी धर्मेंद्र सिंह, डीएसपी प्रदीप कुमार समालखा, डीआरओ चंद्रमोहन, नायब तहसीलदार नरेश कौशल घटनास्थल पर पहुंचे और गांव मिर्जापुर के यमुना घाट पर तलाश कर रहे इंजन बोट मशीन व गोताखोरों को जल्द से जल्द तलाश करने के लिए आदेश दिया। परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि और भी गोताखोरों को लगाया जाएगा।