याद रहे कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इनेलो विधायक के सवाल में विध्वंसक शब्द पर आपत्ति जताई थी। अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री को एक दिन बाद बताया था कि उनके मूल सवाल में यह शब्द था ही नहीं। इस पर मुख्यमंत्री और स्पीकर ने उन्हें जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। मामले की जांच के लिए स्पीकर ने दो सदस्यीय समिति गठित की थी।
गुप्ता ने बताया कि देश के विधानमंडलों को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है। विधान मंडलों के शीर्ष संगठन पीठासीन अधिकारियों के 83वें अखिल भारतीय सम्मेलन’ (एआईपीओसी) में वित्तीय स्वायत्तता, कार्यपालिका और न्यायपालिका से शक्तियों का पृथक्करण, विधायी निकायों के राष्ट्रीय डिजिटल ग्रिड बनाने समेत नौ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए है।
हरियाणा विधानसभा में हो रहे नए प्रयोगों की न केवल दूसरे राज्यों ने प्रशंसा की, बल्कि इनका अनुसरण करने की बात भी कही है। हरियाणा में विधानसभा सत्रों के अलावा विधायकों द्वारा तीन प्रश्न पूछे जाने की व्यवस्था, प्रश्नकाल के लिए निकाले जाने वाले ड्रा और ई-विधानसभा की सम्मेलन के दौरान विशेष चर्चा हुई। बिना सत्र हर माह तीन प्रश्न पूछने की व्यवस्था करने वाला हरियाणा देश का इकलौता राज्य है। पीठासीन अधिकारियों का 83वां अखिल भारतीय सम्मेलन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 10 से 12 जनवरी को राजस्थान की राजधानी जयपुर में संपन्न हुआ है।