सिटी ब्यूटीफुल में मार्च के दूसरे हफ्ते से कोरोना की दहशत शुरू हो गई थी। साथ ही संदिग्ध मरीजों का अस्पताल में दाखिल होना भी शुरू हो गया था। मार्च में कोरोना के कुल 13 पॉजिटिव मरीज दर्ज किए गए थे। अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 73 तक पहुंच गई। वहीं, अगस्त आते-आते कोरोना की रफ्तार इतनी तेजी से बढ़ी कि महीने के दूसरे हफ्ते से हर दिन पॉजिटिव मरीजों का सैकड़ा लगता रहा।
इस दौरान कोरोना से मरीजों की जान भी जाती रही। अगस्त में कोरोना का जो कहर शुरू हुआ, वो अब भी जारी है। चंडीगढ़ में अब तक कोरोना के 7991 मरीज मिल चुके हैं, जबकि 90 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने से शहर का जनजीवन थोड़ा सामान्य हुआ है। उद्योग धंधे पटरी पर आने शुरू हुए हैं लेकिन अब भी इससे उबरने में काफी वक्त लगेगा।
पुलिस विभाग: 60 फीसदी कम हुए फरियादी
कोरोना के बाद से पुलिस मुख्यालय की पब्लिक विंडो को बंद कर दिया गया है। कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए फरियादियों के लिए ऑनलाइन शिकायत देने की सुविधा शुरू की गई है। पुरानी व्यवस्था के मुकाबले नई सेवा के तहत सिर्फ 40 फीसदी लोग ही शिकायत दे रहे हैं।
कोरोना से पहले पब्लिक विंडो में एक दिन में 100 से ज्यादा शिकायतें आती थीं जो अब लगभग 40 पर सिमट गई हैं। जाहिर है कि ऑनलाइन सेवा के जरिए शिकायत देना हर किसी के बस की बात नहीं है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने के बाद पब्लिक विंडो को बंद किया गया है। उनके ठीक होने के बाद उसे दोबारा से खोल दिया जाएगा।
रेलवे: 40 में सिर्फ दो ट्रेनों का हो रहा संचालन
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से करीब 40 ट्रेनें चलती हैं। अनलॉक होने पर भी चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से ज्यादा ट्रेनें नहीं मिली हैं। सिर्फ दो ट्रेनें ही चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से चल रही हैं। पहली जनशताब्दी, जो ऊना से चंडीगढ़ वाया होकर दिल्ली जाती है जबकि दूसरी ट्रेन पश्चिमी एक्सप्रेस है, जो पंजाब से चंडीगढ़ वाया होकर मुंबई जाती है। हालांकि सितंबर में उम्मीद थी कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को यूपी जाने वाली एक ट्रेन मिलेगी, लेकिन रेलयात्रियों को निराशा हाथ लगी है। रेलवे स्टेशन में इस समय चहल कदमी न के बराबर है।
पीजीआई: ओपीडी दस हजार से 1400 रह गई
लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर पीजीआई की ओपीडी पर पड़ा है। मार्च से पहले पीजीआई की ओपीडी में रोजाना दस हजार से अधिक मरीज आते थे। लॉकडाउन के बाद से ओपीडी बंद है। सिर्फ रेडियोथैरेपी व कैंसर की ओपीडी चल रही है। बाकी ऑनलाइन के माध्यम से मरीजों को सलाह-मशविरा दिया जा रहा है।
ओपीडी में आने वाले मरीज पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ व राजस्थान से आते थे। पीजीआई ने ओपीडी खोलने की प्लानिंग बनाई, लेकिन कोरोना के बढ़ते केस की वजह से सिरे नहीं चढ़ पाई। फिलहाल पीजीआई में टेली कंसल्टेशन के जरिए ओपीडी शुरू की गई है, जिसमें रोजाना करीब 1400 मरीजों को इलाज मिल रहा है।
खेल: सिर्फ अभ्यास के लिए खुले ताले
कोरोना का व्यापक असर खेलों पर देखने को मिला है। लॉकडाउन के बाद खेलों को सिर्फ अभ्यास के लिए खोला गया है। किसी भी टूर्नामेंट की इजाजत नहीं दी गई है। खिलाड़ी सिर्फ फिजिकल फिटनेस कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से ऑर्चरी, एथलेटिक्स, बास्केटबाल, जिमनास्टिक, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, कबड्डी, खो-खो, हाकी, फुटबाल, स्केटिंग, जिम, बैडमिंटन व स्क्वैश के खेलों को अभ्यास के लिए खोल दिया गया है, लेकिन हैंड टच वाले गेम को अभी बंद रखा गया है। इनमें रेसलिंग, मुक्केबाजी, जूडो, ताइक्वांडो शामिल हैं। स्वीमिंग को अभी भी बंद रखा गया है।
पीयू: 30 फीसदी लोगों से काम लिया जा रहा
कोरोना के कारण पंजाब विश्वविद्यालय में काम करने वालों की संख्या कम कर दी गई है ताकि लोग संपर्क में न आएं और सुरक्षित रहें। यह संख्या लगभग 30 फीसदी तक ही है। पीयू ने छात्रों की समस्या निस्तारण के लिए हेल्पलाइन का गठन किया है। इस पर परीक्षा से लेकर एडमिशन तक की जानकारी दी जा रही है। शिक्षकों को विभागों में आने की छूट दी गई है, लेकिन रिसर्च स्कॉलर्स अभी नहीं आ रहे हैं।
इससे रिसर्च का कार्य प्रभावित हो रहा है। मई-जून में होने वाली परीक्षाएं पीयू सितंबर में करवाने जा रहा है। वर्तमान में जरूरी विभागों को ही खोला गया है। जनता से सीधा संपर्क नहीं किया जा रहा है। सेमिनार, संगोष्ठियों का प्रकार बदला है। आए दिन वेबिनार करवाए जा रहे हैं। पीयू के संचालन के लिए सीनेट का चुनाव होता है लेकिन यह स्थगित कर दिया गया।
नगर निगम: पहले आते थे 800 लोग, अब 200 लोग पहुंच रहे
कोरोना की चपेट से नगर निगम भी अछूता नहीं रहा है। कोरोना से पहले नगर निगम के दफ्तर में 700 से 800 लोग पहुंचते थे, लेकिन जब 24 मार्च के बाद से अब इनकी संख्या आधी से भी कम रह गई है। अब मात्र 200 लोग ही पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ वेंडिंग सेल में काम के लिए आते थे, तो कुछ कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से मिलने के लिए पहुंचते थे। कोरोना संक्रमण की वजह से लोग अब खुद से ही नगर निगम के दफ्तर में जाने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ निगम के कई अधिकारी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से लोग और अधिकारी एक दूसरे से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि निगम की ओर से कई शिकायतों का निराकरण के लिए ऑनलाइन सेल बना रखा है।
फूड कोर्ट: एलांते मॉल में बिजनेस रह गया आधा
चंडीगढ़ शहर के लोग खाने-पीने के शौकीन हैं। मार्च से पहले वीकेंड में फूड कोर्ट में लोगों की लंबी भीड़ लगती थी, लेकिन कोरोना की वजह से यह भीड़ घट गई है। एलांते मॉल स्थित अयान फूड लिमिटेड के मालिक पुनीत गुप्ता ने बताया कि एलांते मॉल सहित पूरे शहर के फूड कोर्ट खुल चुके हैं। लोग आ भी रहे हैं, लेकिन उतनी भीड़ नहीं है, जो कोरोना से पहले होती थी। एहतियात के तौर पर लोग अब भी बाहर आने से बच रहे हैं। हालांकि फूड कोर्ट की ओर से हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
उद्योग: 70 फीसदी उत्पादन शुरू हुआ
लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान देश के उद्योग धंधों को उठाना पड़ा है। एक तरफ कारखानों में ताला पड़ गया तो दूसरी तरफ मजदूरों को अपनी मजदूरी गंवानी पड़ी। हालांकि अब धीरे-धीरे उद्योग पटरी पर लौटने लगा है। चंडीगढ़ की स्थिति में भी सुधार देखने को मिल रहा है। लघु उद्योग भारतीय चंडीगढ़ इकाई के उपाध्यक्ष अवि भसीन ने बताया कि चंडीगढ़ में करीब चार हजार इंडस्ट्री हैं। यहां पर मुख्य रूप से काम ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर पार्ट व स्क्रू मैन्युफैक्चरिंग का है। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में 70 फीसदी उत्पादन शुरू हो चुका है। काफी संख्या में मजदूर वापस आ चुके हैं, जो रहते हैं, उनके भी जल्द आने की उम्मीद है। 15 सितंबर के बाद इसमें और तेजी आने की संभावना है।
पटरी पर लौटी स्क्रू मैन्युफैक्चरिंग की गाड़ी
चंडीगढ़ स्क्रू मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के महासचिव बीएस सैनी ने बताया कि पिछले एक महीने से इस सेक्टर में तेजी आई है। पूरे शहर में करीब 400 यूनिट हैं। ये सभी यूनिट इस समय चल रही हैं और मार्च से पहले जो उत्पादन था, वही स्थिति अब फिर से लौट आई है। कुछ मजदूरों की कमी है। आने वाले समय में इसे भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा। यहां पर पीतल, तांबा, स्टेनलेस स्टील और लोहे के नट बोल्ट भारत के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किए जाते हैं। इस उद्योग में करीब पांच हजार लोग काम करते हैं। एक यूनिट में पांच से लेकर बीस वर्कर काम करते हैं। चीन के उत्पादों के बहिष्कार का असर इस यूनिट को मिला है।
पर्यटन : रॉक गार्डन व बोटिंग पर ताला
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने से देश के तमाम पर्यटन स्थलों को खोल दिया गया है। इसके बावजूद लोग ऐसी जगहों पर जाने से कतरा रहे हैं। चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक और एलांते मॉल को भी लोगों के लिए खोल दिए गए हैं, लेकिन रॉक गार्डन, कैपिटल कांप्लेक्स व सुखना लेक की बोटिंग पर अब भी ताला पड़ा हुआ है। चंडीगढ़ में इस समय कोरोना काफी तेजी से फैल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने फिलहाल इन्हें नहीं खोलने का निर्णय लिया है। चंडीगढ़ के आर्किटेक्चर को देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। पहाड़ में जाने वाले अधिकतर पर्यटक चंडीगढ़ में ठहरते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से सब कुछ ठप पड़ा है।
शहर में इस समय कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसे रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से टेस्टिंग की संख्या तेजी से बढ़ाई गई है। लोगों को अब ज्यादा एहतियात बरतने की आवश्यकता है। मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का पालन करने व लगातार हाथ धोने से इस बीमारी को रोका जा सकता है।
- मनोज परिदा, सलाहकार, चंडीगढ़ प्रशासक