पलवल के गांव टीकरी ब्राह्मणपुरा में पिछले साल जुलाई महीने में दो समुदायों में हुई हिंसक झड़प की जांच के लिए हरियाणा सरकार ने आईजी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी है। इसकी जानकारी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को दे दी गई है। अब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से जवाब मांगा है कि इस पर अब उनका क्या कहना है।
कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या इस मामले की जांच के लिए आईजी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम गठित की जाएगी। सरकारी वकील को इस विषय पर सरकार से हिदायतें प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था।
इससे पहले मामले में बहस मुकम्मल हो चुकी थी। सरकार ने कहा था कि किसी समुदाय विशेष को कोई मदद नहीं दी गई है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने किसी समुदाय विशेष का पक्ष लिया।
सरकार ने यह भी कहा था कि जिन धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, वह धाराएं सही हैं। यह भी कहा था कि दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों की एक कमेटी गठित की है, जिन्हें गांव में शांति बनाए रखने की अपील की गई है। सरकार की इस रिपोर्ट पर बहस करते हुए एक समुदाय विशेष की ओर से पेश हुए एडवोकेट आरएस चीमा ने बेंच से कहा था कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी हुई है।
गांव में असहिष्णुता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग भी उठाई। उल्लेखनीय है कि टीकरी ब्राह्मणपुरा गांव में दो समुदायों के बीच बड़े स्तर पर हिंसक झड़प हुई थी। इस कारण दोनों समुदायों के लोगों पर मामले दर्ज किए गए थे।
समुदाय विशेष के पांच लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सरकार दूसरे समुदाय पर हल्की धाराएं लगाकर उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। यह भी कहा था कि यह असहिष्णुता का मामला है और सीबीआई जांच होनी चाहिए।