दुष्कर्म मामले के गवाह पर हमला कराने के आरोप से घिरे आसाराम बापू के पुत्र नारायण साईं के प्रोडक्शन वारंट के खिलाफ याचिका के मामले में बुधवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
हाईकोर्ट के जस्टिस हरीपाल वर्मा की एकल बेंच ने पहले वारंट पर रोक लगा दी थी, लेकिन सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करने पर वारंट के क्रियान्वयन पर लगाई रोक हटा ली गई थी।
उल्लेखनीय है कि वारंट पर रोक लगने के बाद पुलिस ने नारायण साईं को पानीपत जिला अदालत में पेश किया था। नारायण साईं ने इसे हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करार दिया था। साथ ही उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कहा था कि जिस वक्त वारंट पर रोक लगी, पुलिस उससे पहले ही गुजरात जेल से नारायण साईं को लेकर हरियाणा के लिए रवाना हो चुकी थी।
हरियाणा पुलिस ने उक्त मामले में पूछताछ के लिए गुजरात से पानीपत लाने के लिए वहां की अदालत से नारायण साईं के प्रोडक्शन वारंट हासिल किए थे। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नारायण साईं ने कहा था कि पूछताछ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से भी हो सकती है। उसे हरियाणा लाने में सरकार का पैसा और वक्त भी लगेगा।