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मुरथल गैंगरेपः सरकार ने माना, मिले थे महिलाओं के अंडर गारमेंट

Sat, 20 Aug 2016 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मुरथल गैंगरेप केस - फोटो : getty
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बहुचर्चित मुरथल गैंगरेप मामले में आखिरकार हरियाणा सरकार ने मान ही लिया कि खेतों से महिलाओं के अंडर गारमेंट मिले थे। मामले में शुक्रवार को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान जहां सरकार ने अंडर गारमेंट मिलने वाली बात मानी, वहीं ये भी बताया कि वस्त्रों को उन पर लगे वीर्य की जांच के लिए दिल्ली की फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
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लेकिन इसके साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने शुक्रवार को दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट में पीड़ितों के न मिलने की बात कही। हालांकि पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यह भी कहा गया कि इस मामले में मीडिया के सामने बयान देने वाले पुलिस के सामने मुकर जाते हैं।

एमिक्स क्यूरे अनुपम गुप्ता ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में मुरथल मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि हरियाणा सरकार कैप्टन अभिमन्यु के घर पर आगजनी की जांच सीबीआई से कराने जा रही है, जिसका वे स्वागत करते हैं लेकिन मुरथल और अन्य मामले बेहद संगीन हैं। इन मामलों पर सरकार क्यों कार्रवाई नहीं कर रही।
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इस पर हरियाणा सरकार की ओर से सीनियर एडवोकट तुषार मेहता ने कहा कि अगर हाईकोर्ट आदेश करे तो सरकार इस मामले की जांच भी सीबीआई से करवाने को तैयार है। इस पर अनुपम गुप्ता ने कहा कि जब सरकार का मंत्री ही अपनी पुलिस पर विश्वास नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि अब तक दंगों की जांच के बाद प्रकाश सिंह कमेटी की जो रिपोर्ट आई, उस पर सरकार ने क्या कार्रवाई की, उसके बारे में भी सरकार ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी है।

हाईकोर्ट ने पूछा, अब तक क्या कार्रवाई की गई

मुरथल गैंगरेप - फोटो : file
मामले में अब जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए कि मामले की अगली सुनवाई पर वह हाईकोर्ट को बताएं कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की या कार्रवाई की क्या तैयारी की है? इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट को अनुपम गुप्ता को अध्ययन के लिए देने के बारे में भी सरकार से जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। अनुपम गुप्ता ने हाईकोर्ट में कहा कि अब तक गैंगरेप की घटना को स्वीकार करने से बचती रही सरकार ने आखिरकार एसआईटी की रिपोर्ट के जरिए यह मान लिया है कि घटना स्थल पर कुछ महिलाओं के अंडर गारमेंट्स मिले हैं, जिन्हें जांच के सीएफएसएल भेजा गया था। उन वस्त्रों पर मानव वीर्य भी मिला है।

उन्होंने अदालत से कहा कि यह हैरानी की बात है कि सीएफएसएल रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई करने की बजाए एसआईटी ने लैब से पूछा था कि यह मानव वीर्य किस समय का है, जिस पर लैब ने ऐसी किसी जांच की व्यवस्था के इंकार कर दिया था। उन्होंने एसआईटी की जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि राज भवन में एक कर्मचारी के रिश्तेदार से हुई रेप की घटना को लेकर एसआईटी ने गंभीरता से काम नहीं किया।

एसआईटी ने राजभवन के सेक्रेटरी को एक पत्र लिखकर शिकायत के बारे में पूछा, जिस पर सेक्रेटरी द्वारा ऐसी किसी शिकायत से इंकार कर दिए जाने के बाद जांच आगे नहीं बढ़ी।

एसआईटी जांच में महिलाओं को लेकर कई खुलासे

मुरथल के कथित गैंग रेप मामले में गवाह बॉबी जोशी को लेकर सुखदेव ढाबे पर पहुंची एसआईटी की टीम। - फोटो : amarujala
एसआईटी की ओर से कहा गया है कि घटना की रात एनएच-1 पर सफर कर रहे लोगों के 90 फीसदी मोबाइल खंगाले गए हैं। इसके आधार पर घटना की रात के सभी नंबरों से संपर्क किया गया। पड़ताल के दौरान ज्यादातर लोगों ने महिलाओं से छेड़छाड़ की बात तो कही लेकिन किसी भी महिला के साथ रेप जैसी घटना से इंकार किया।

रिपोर्ट में एनआरआई महिला के बारे में बताया गया कि जांच में यह बात सामने आई है कि एक महिला घटना की रात आस्ट्रेलिया से आई थी। वह सुबह तक इंतजार करने के बाद फ्लाईट से अमृतसर चली गई थी। इसके साथ ही फरीदाबाद से मथुरा रोड के बीच डाकखाने से मिली उत्पीड़न की शिकायत संबंधी चिट्ठी जांच के बाद विश्वसनीय नहीं पाई गई।

एसआईटी ने यह भी कहा कि एक पीड़िता की मां का इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार से सहयोग के लिए बार-बार कहा गया लेकिन उससे सहयोग नहीं मिल रहा। यह इंटरव्यू जिस डिवाइस से लिया गया है, उससे पीड़ित का पता लगाने में आसानी होगी। एसआईटी ने बताया कि पत्रकार ने कहा है कि उसने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया है लेकिन यदि वह मोबाइल मिल जाए तो डाटा हासिल किया जा सकता है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत सरकार जांच कर सकती है और उसकी जांच में कोई रोकटोक नहीं है।
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सुखदेव ढाबे का मालिक जानता है घटना की सच्चाई

कोर्ट
अनुपम गुप्ता ने अदालत में कहा कि एनएच-1 पर सुखदेव ढाबा, जहां गैंगरेप पीड़ितों के उस रात शरण लेने की बात कही जा रही है, के मालिक अमरीक सिंह को इस घटना की पूरी जानकारी है।

गुप्ता ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि ढाबे के मालिक ने प्रकाश सिंह कमेटी के एक सदस्य को इस घटना के बारे में खुद संपर्क कर जानकारी दी थी, जिसके बारे में कमेटी के सदस्य ने उन्हें फोन पर बताया था। उन्होंने कहा कि पुलिस का कहना है कि सुखदेव ढाबे के मालिक ने गैंगरेप जैसी किसी भी घटना से इंकार किया है। गुप्ता ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि उस पर दबाव हो लिहाजा निष्पक्ष तौर पर जांच होनी चाहिए।

आगजनी में गिरफ्तार पांच लोगों का कराएंगे डीएनए टेस्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मुरथल गैंगरेप मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि उन्होंने महिलाओं के अंतवस्त्रों पर मिले वीर्य की जांच को लेकर इस इलाके में आगजनी की वारदात में पकड़े गए पांच लोगों के वीर्य की जांच कराने का फैसला किया है। इस बारे में अदालत से अनुमति भी ली गई है। डीएनए जांच में यह पता चल सकेगा कि बरामद अंडर गारमेंट पर पाया गया वीर्य उनका तो नहीं है।

 
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