कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) बुधवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ करने चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर पहुंची। आप की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब गोलीकांड मामले में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से पूछताछ करने एसआईटी पहुंची है। कुछ दिन पहले एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री से पूछताछ का नोटिस भेजा था। इसके बाद टीम पूछताछ करने उनके आवास पर पहुंची है।
इससे पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से 14 सितंबर को इसी मामले में एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व वाली एसआईटी ने करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी। इस पर सुखबीर बादल ने कहा था कि पहले कांग्रेस और अब आप सरकार इन मामलों में इंसाफ दिलाने के बजाय राजनीति कर रही है। आप सरकार अपने घोटालों से ध्यान हटाने के लिए कोटकपूरा और बहिबलकलां मामलों को उठा रही है। पुलिस की सारी कार्रवाई एक निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। फैसले तो प्रशासन लेता है।
मंगलवार को एसआईटी ने घटनास्थल का लिया जायजा
2015 के कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को ही कोटकपूरा के मुख्य चौक पर पहुंचकर एक बार फिर घटनास्थल का जायजा लिया था। एसआईटी के सदस्य एवं मोगा के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने जांच कर गवाहों से जानकारी हासिल की थी। दरअसल, बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े कोटकपूरा गोलीकांड को करीब सात साल बीत चुके हैं लेकिन पुलिस की जांच अभी तक चल रही है। इससे पहले इस घटना की जांच आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की निगरानी में हो चुकी है। कुंवर विजय प्रताप की पड़ताल के बाद पुलिस अधिकारियों समेत कोटकपूरा के तत्कालीन अकाली दल के विधायक मनतार सिंह बराड़ के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई नई एसआईटी
पिछले साल यानी 2021 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आईजी कुंवर प्रताप की जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया था और सरकार को नई एसआईटी बनाने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एडीजीपी एलके यादव की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। अब यही एसआईटी मामले की जांच कर रही है। मंगलवार को एसआईटी सदस्य एवं मोगा के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना अपनी टीम के साथ कोटकपूरा के मुख्य चौक पर पहुंचे और घटनास्थल पर जांच की थी।