उसका भाई नशे की दलदल में ही फंसा रहा। उसकी पत्नी भी अपने मायके चली गई। भाई ने नशे की पूर्ति के लिए घर के बेड, अलमारियां समेत कोठी में लगी कीमती टोटियां भी बेच डाली। भाई के पास 3 कनाल जगह थी। अब उसके पास सिर्फ 1 कनाल 4 मरले ही जमीन बची है। बहन ने बताया कि भाई को उनके गांव का एक परिवार नशे के लिए थोड़े-थोड़े पैसे दे रहा है, ताकि उसकी जमीन-जायदाद हड़प सके।
बहन ने बताया कि उसने इस संबंध में कई बार पुलिस-प्रशासन को भाई का नशा छुड़वाने के लिए लिखित शिकायत दी और कई बार फोन से भी सूचित किया लेकिन कुछ नहीं हुआ। बहन ने आगे बताया कि मंगलवार को जब उसने मीडिया को बुलाया तो पुलिस आई और इलाज करवाने के लिए उसके भाई को हिरासत में ले लिया है।
इस संबंध में थाना घनीए-के-बांगर के एसएचओ अमोलकदीप सिंह ने बताया कि युवक को हिरासत में ले लिया गया है। बुधवार सुबह उसे इलाज के लिए सरकारी नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराया जाएगा। एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मण ने बताया कि उस युवक को पुलिस नशा छुड़ाओ केंद्र भेजेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हर गांव में एक कांस्टेबल को नशे संबंधी जानकारी के लिए लगाया गया है।