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बरगाड़ी कांड: खुलासा- डेरा सिरसा से दिया था बेअदबी का आदेश, राम रहीम समेत तीन अन्य नामजद

Tue, 07 Jul 2020 10:08 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट(पंजाब)

सार

  • 11 लोगों के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट
  • लॉकेट उतरवाने से आहत डेरा प्रेमियों ने रची थी साजिश
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अदालत में पेशी के बाद बाहर निकलते गिरफ्तार डेरा अनुयायी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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5 साल पुराने बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित तीन घटनाओं की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि बेअदबी करने का आदेश डेरा सिरसा से दिया गया था। मामले की जांच शुरू करने के दो दिन के भीतर ही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पावन स्वरूप की चोरी मामले में डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा डेरा सिरसा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों हर्ष धूरी, प्रदीप कलेर और संदीप बरेटा को नामजद किया गया है।
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एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। मामले में डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की अगुवाई वाली पुलिस पार्टी ने दो दिन पहले डेरा सच्चा सौदा सिरसा के सात अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। अब उनसे पूछताछ के आधार पर डेरा मुखी को नामजद किया गया है। सभी 11 आरोपियों के खिलाफ सोमवार को फरीदकोट की अदालत में चालान भी पेश कर दिया गया।
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डेरा मुखी से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हुई

एसआईटी प्रमुख डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा ने बताया कि मोगा में 2011 में हुई आगजनी की घटना की जब साल 2018 में जांच की जा रही थी तो उस दौरान इन डेरा प्रेमियों के बारे में पता चला था। मामले में गिरफ्तार सातों डेरा अनुयायियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। इसके चलते एसआईटी ने केस में डेरा प्रमुख और डेरे की कमेटी के तीन सदस्यों को भी नामजद किया है।

सोमवार को चालान पेश करते हुए कमेटी के तीनों सदस्यों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी करवाने के लिए भी आवेदन दिया गया है। ये तीन आरोपी बठिंडा और मोगा जिले की बेअदबी घटनाओं में भी वांछित हैं। डीआईजी खटड़ा ने कहा कि एसआईटी की तरफ से सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख से पूछताछ करने के लिए अगली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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एसआईटी की पड़ताल के दौरान सामने आया कि डेरा सिरसा और सिख जत्थेबंदियों के बीच चल रहे विवाद के दौरान एक धार्मिक सभा में डेरा अनुयायियों के गले में पहने हुए लॉकेट उतरवाए गए थे। इसे डेरा अनुयायियों ने अपना अपमान समझा। उसका बदला लेने के लिए ही डेरा सिरसा में पावन स्वरूप चोरी करके उसकी बेअदबी करने की साजिश रची गई थी। यह अपराध डेरा सिरसा प्रमुख और नेशनल कमेटी के सदस्यों की शह पर किया गया।
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चोरी में इस्तेमाल कार भी बरामद

एसआईटी प्रमुख ने बताया कि पावन स्वरूप चोरी करने से लेकर उसकी बेअदबी करने तक की सभी हिदायतें डेरा सिरसा से दी गई थीं। वहां से मिलने वाली हिदायतों के तहत ही आरोपियों ने पावन स्वरूप चोरी करने के बाद उसे कई दिनों तक एक अनुयायी के घर में छिपा कर रखा और नए आदेश मिलने पर उसकी बेअदबी की गई।

फिलहाल एसआईटी ने स्वरूप चोरी करने वाले केस में धाराओं की भी बढ़ोतरी कर ली है और पावन स्वरूप चोरी करने के लिए प्रयोग कार भी बरामद कर ली है। उधर, इस केस में पुलिस रिमांड पर चल रहे डेरे के पांच अनुयायियों को सोमवार अदालत में पेश किया गया और एसआईटी के आग्रह पर इन सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, दो आरोपियों को जमानत मिली हुई है।
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