हरियाणा सरकार ने अनलॉक-2 की पहली मंत्रिमंडल बैठक में अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। बरौदा उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जनता के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के निजी उद्योगों में हरियाणवी युवाओं के लिए 75 फीसदी नौकरियां सुनिश्चित करने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। इसके लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई है। अगली कैबिनेट में अध्यादेश लाकर उसे स्वीकृत किया जाएगा, जिसे विधानसभा के मॉनसून सत्र में कानून की शक्ल देने की पूरी तैयारी है। किसानों को जमीन की खरीद फरोख्त के लिए अब 2000 रुपये की जगह 100 रुपये स्टाम्प शुल्क देना होगा।
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पंचकूला नगर निगम से कालका-पिंजौर को अलग कर नगर परिषद बनाया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में महत्वपूर्ण एजेंडा पर मुहर लगाई गई। स्टाम्प शुल्क कम करने के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी इस मामले को लंबे समय से उठाती आ रही थी। सरकार ने कोरोना के दौरान जब्त वाहनों की कंपाउंडिंग फीस भी तय की है। आरटीए कार्यालय उससे ज्यादा राशि नहीं वसूल सकेंगे। झाड़ली प्लांट के 15 विस्थापितों को नौकरी दी जाएगी। हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन किया गया है, इसे इको फ्रेंडली बनाया जाएगा।
व्यक्तिगत आधे से ढाई एकड़ के प्लाट पर फार्म हाउस बना सकेंगे। नए उद्योगों को बड़ी राहत दी गई है, 1000 दिन तक फैक्ट्री एक्ट लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता आधार पर हल करने के मकसद से ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अध्यादेश-2020’ लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। अध्यादेश का प्रारूप मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा।
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हरियाणा में स्थित निजी कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्ट, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन वाली नौकरियों के मामले में नए रोजगार का 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों को मुहैया करवाना होगा। हालांकि, कंपनी के पास एक जिले से केवल 10 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों की भर्ती का विकल्प होगा। यदि उद्योग की किसी विशिष्ट श्रेणी के लिए पात्र स्थानीय उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य जिलों के लिए छूट का प्रावधान किया जाएगा।
राज्यपाल, राष्ट्रपति की ली जाएगी मंजूरी
सीएम ने कहा कि 75 फीसदी नौकरियों के मामले में राज्यपाल और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश में समान सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय उम्मीदवारों के कौशल विकास को बढ़ावा देंगे। जिससे उनकी रोजगार क्षमता बेहतर होगी। इस प्रकार न केवल हरियाणा की स्थानीय आबादी को लाभ होगा, बल्कि कंपनियां भी स्थानीय भर्ती के लिए प्रोत्साहित होंगे, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा। सरकार ने कम भुगतान वाली नौकरियों में भी स्थानीय उम्मीदवारों को तरजीह देने का निर्णय लिया है क्योंकि यह सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण की दृष्टि से आवश्यक है।
दुष्यंत चौटाला ने पूरा कराया अपना वादा
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा चुनाव में किया अपनी पार्टी का वादा निभाते हुए मंत्रिमंडल बैठक में निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणवी युवाओं को भर्ती करने के अध्यादेश का प्रारूप रखा। जिसे पर सहमति बन गई। आगामी कैबिनेट बैठक से अध्यादेश को मंजूरी मिलते ही निजी क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू हो जाएगा। अगर कोई कंपनी, फैक्ट्री, संस्थान, ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की जानकारी छुपाएगा तो उस पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
50 हजार से नीचे वेतन, श्रम विभाग की वेबसाइट पर करना होगा पंजीकरण
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। 50 हजार रुपये से नीचे की तनख्वाह के हर कर्मचारी को श्रम विभाग की वेबसाइट पर अपने नाम का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह निशुल्क है। रजिस्ट्रेशन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी, फर्म अथवा रोजगार प्रदाता की होगी। जो कंपनी अपने कर्मचारी की सूचना रजिस्टर्ड नहीं करवाएगी। उसे हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 के सेक्शन-3 के तहत 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। अगर फिर भी कंपनी कानून का उल्लंघन करती है तो उसे हर रोज पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 प्रदेश के उन सभी निजी उद्योगों, फर्म अथवा रोजगार प्रदाता पर लागू होगा, जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। यह नियम पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर लागू न होकर अध्यादेश की अधिसूचना जारी होने की तिथि के बाद होने वाली भर्तियों पर लागू होगा।
हरियाणा डोमिसाइल धारकों को मिलेगा लाभ
निजी क्षेत्र के उद्योगों में हरियाणा के युवाओं को आरक्षण का लाभ लेने के लिए उनके पास हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है। इस कानून को लागू करवाने का जिम्मा श्रम विभाग का होगा। कानून के दायरे में आने वाली प्रत्येक फर्म, फैक्ट्री अथवा आउटसोर्सिंग कंपनी को अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का विस्तार पूर्वक डाटा सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा।
कानून में ऐसे मिल सकती है छूट
निजी क्षेत्र के रोजगार प्रदाता को प्रदेश में निपुण अथवा योग्य कर्मचारी की उपलब्धता न होने पर इसकी सूचना श्रम विभाग को देनी होगी। श्रम विभाग संबंधित फर्म को कर्मचारियों को सक्षम बनाने या अन्य राज्य के युवाओं को नौकरी देने के लिए अनुमति देगा। किसी फर्म अथवा रोजगार प्रदाता द्वारा अपने कर्मचारियों का पंजीकरण न करवाने, आधी-अधूरी अथवा झूठी जानकारी, फर्जी प्रमाण पत्र देने और नियमों का पालन न करने पर अलग-अलग सेक्शन के तहत जुर्माने लगाने का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक तिमाही बाद रोजगार प्रदाता को संबंधित पोर्टल पर रिपोर्ट भी अपडेट करनी होगी।