डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक और सीबीआई जांच के घेरे में आ गए हैं। डेरे में साध्वियों से दुराचार और एक कत्ल के मामले में सीबीआई ट्रायल झेल रहे डेरामुखी के खिलाफ डेरे के 166 पैरोकारों को नपुंसक बनाए जाने के आरोप की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई के हवाले कर दी है। हाईकोर्ट जांच पर नजर भी रखेगी।
इस मामले में जस्टिस के. कानन ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ था। मंगलवार को हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच का निर्देश देते हुए 2 मार्च तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए।
हाईकोर्ट रखेगी जांच पर नजर, एमिकस क्यूरी नियुक्त
डेरे के एक पैरोकार हंसराज चौहान की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान ही चौहान ने एक अर्जी दायर कर कहा कि इस मामले में हरियाणा सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है, क्योंकि गुरमीत राम रहीम ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की खुली मदद की है।
यह आरोप भी लगाया गया कि सीबीआई से भी निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है।
एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने बेंच से कहा था कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी। हाईकोर्ट ने सरकार को एक और मौका दिया था और स्थिति रिपोर्ट तलब की थी।
166 साधुओं की सूची हासिल की
करीब एक सप्ताह पहले सरकार ने सात साधुओं द्वारा अपनी मर्जी से नपुंसक बनने के बयान वाली बात दोहराई। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने बेंच को बताया कि पुलिस ने जांच शुरू ही नहीं की। उन्होंने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि सुनवाई से ठीक एक दिन पहले एसपी सिरसा ने याचिकाकर्ता को बुलाकर 166 साधुओं की सूची हासिल की है।
हाईकोर्ट कर चुकी है तल्ख टिप्पणी
जस्टिस कानन की बेंच ने इस मामले में पिछली सुनवाई पर सरकार के रवैये को देखते हुए तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार इस मामले में जांच ही नहीं करना चाहती।
जस्टिस कानन ने सरकार के लिए सवाल उठाया कि यदि कोई सिर काटने की पेशकश करे तो क्या सिर काटा जा सकता है? इस मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
क्या है मामला
डेरे के पैरोकार रहे हंसराज चौहान ने हाईकोर्ट में एडवोकेट नवकिरन सिंह के माध्यम से याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि उसे डेरे में नपुंसक बनाया गया। याचिका में आरोप लगाया गया कि राम रहीम साधुओं को लालच देते हैं कि नपुंसक बनने पर वह (राम रहीम) उन्हें भगवान से मिला देंगे।
चौहान ने हाईकोर्ट में 166 साधुओं की सूची पेश कर उन्हें डेरे के ही अस्पताल के डाक्टरों की ओर से नपुंसक बनाए जाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने पहले चौहान की डाक्टरी जांच कराई थी। यूटी प्रशासन ने बोर्ड ऑफ डॉक्टर्स से जांच कराई तो चौहान नपुंसक पाया गया। बाद में हरियाणा पुलिस को अन्य साधुओं के बारे जांच करने को कहा था। पुलिस ने जेल में बंद सात अन्य साधुओं के ब्यान लिए थे और हाईकोर्ट को बताया था कि साधुओं ने कहा है कि वह अपनी मर्जी से नपुंसक बने हैं।
एडवोकेट गुप्ता को लगाया एमिकस क्यूरी
इस मामले में जांच किस तरह की जाए, इसके बारे में हाईकोर्ट की बेंच को सहयोग देने के उद्देश्य से एडवोकेट अनुपम गुप्ता को एमिक्स क्यूरी लगाया गया है।
अनुपम गुप्ता ने रामपाल केस में बेंच को बताया था कि पंजाब, हरियाणा में और कई ऐसे डेरे हैं, जहां हथियार हैं।
उन्होंने कोर्ट को यह जानकारी भी दी थी कि डेरा सच्चा सौदा में हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता था और आर्मी इंटेलिजेंस ने इस बारे सतर्कता बरतने के लिए एडवाइजरी भी जारी की थी।